मेट्रोपॉलिटन रीजन का विस्तार: इंदौर क्षेत्र में नए जिलों और तहसीलों का समावेश

इंदौर
 इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (IMR) के स्वरूप में एक बार फिर बड़ा बदलाव किया गया है। चौथी बार किए गए इस विस्तार के बाद मेट्रोपॉलिटन रीजन का कुल क्षेत्रफल 9989.69 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 14550.29 वर्ग किलोमीटर हो गया है।

यानी रीजन में लगभग 4560.6 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का अतिरिक्त विस्तार किया गया है। यह निर्णय भविष्य की शहरी आवश्यकताओं, औद्योगिक विकास और बेहतर परिवहन नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
पहली बार रतलाम की दो तहसीलें शामिल की गईं

इस विस्तार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पहली बार दो तहसीलें और शाजापुर जिले की तीन तहसीलों को जोड़ा गया है। रतलाम जिले को इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल किया गया है। रतलाम जिले की दो तहसीलें रतलाम और रतलाम नगर को इस रीजन का हिस्सा बनाया गया है।

शाजापुर जिले की तीन तहसीलें पहली बार जोड़ी गईं

इसके अलावा शाजापुर जिले की तीन तहसीलों को भी पहली बार जोड़ा गया है, जिसे इस विस्तार का महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है। उज्जैन जिले की माकड़ोन तहसील को शामिल करने के साथ ही वहां की तीन तहसीलों के क्षेत्र का विस्तार किया गया है। वहीं देवास जिले की दो तहसीलें और धार जिले की एक तहसील के क्षेत्र में भी वृद्धि की गई है।

धार जिले की बदनावर तहसील का क्षेत्र विशेष रूप से बढ़ाया गया है। बदनावर में प्रस्तावित प्रधानमंत्री मित्रा टेक्सटाइल पार्क को मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल किए जाने से औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।

विस्तार के पश्चात पूरे क्षेत्र का सर्वे किया जाएगा

इस विस्तार के बाद इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल तहसीलों की संख्या 29 से बढ़कर 35 हो गई है। विस्तार के पश्चात पूरे क्षेत्र का सर्वे किया जाएगा और आगामी छह महीनों में रीजन की समग्र विकास योजना तैयार की जाएगी। यह योजना शहरी विकास, उद्योग, आवास और परिवहन के समन्वित विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का दायरा बढ़ा 

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह निर्णय बेहतर यातायात प्रबंधन, जनता की सुविधा और शहर की सुंदरता को ध्यान में रखकर लिया गया है. बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रस्तावित इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर पश्चिमी मध्यप्रदेश के 14 हजार वर्ग किलोमीटर तक किया जाएगा. इसमें इंदौर के साथ-साथ उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जिलों के हिस्से शामिल होंगे.

 

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