पारिवारिक और क्षेत्रीय जिम्मेदारियों का हवाला: रतलाम के जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने छोड़ा पद

रतलाम 
रतलाम ग्रामीण कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को भेजा है. बता दें कि कल ही कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा हुई है, ऐसे में हर्ष विजय गहलोत का इस्तीफा होने से सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलें भी चल रही हैं. हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह पारिवारिक और विधानसभा क्षेत्र में लगातार व्यस्तता को बताया है. जिसके बाद एमपी में भोपाल से लेकर रतलाम तक सियासी हलचल फिलहाल देखी जा रही है. 

पूर्व विधायक हैं हर्ष विजय गहलोत  

बता दें कि हर्ष विजय गहलोत कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं, वह 2018 में रतलाम ग्रामीण सीट से विधायक बने थे. हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. गहलोत को कांग्रेस ने अगस्त 2025 में बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए रतलाम ग्रामीण का जिलाध्यक्ष बनाया था. लेकिन अब उन्होंने इस पोस्ट से इस्तीफा दे दिया है. सियासी गलियारों में चर्चा चल रही है कि मनमुताबिक ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त न होने की वजह से भी इस्तीफा हुआ है. हालांकि अब तक इस पर कोई आधिकारिक बात सामने नहीं आई है.

जीतू पटवारी दिसंबर 2023 में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। इसके करीब 18 महीने बाद अगस्त 2025 में उन्होंने 71 जिला अध्यक्षों की घोषणा की थी। इसमें हर्ष विजय गहलोत का भी नाम शामिल है। उन्हें पहले से रिक्त रतलाम ग्रामीण का अध्यक्ष बनाया गया था।

नियुक्ति के करीब 4 महीने बाद ही गहलोत ने पद से इस्तीफा दे दिया। 6 दिसंबर को आलीराजपुर के जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश पटेल ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने लिखा था कि व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे रहा हूं। मैंने अपने कार्यकाल में संगठन को मजबूत करने का पूरा प्रयास किया है।

780 ब्लॉक अध्यक्षों की हुई है नियुक्तियां 

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने 16 दिसंबर की रात में मध्य प्रदेश कांग्रेस के 780 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा की है. पटवारी ने 2 साल का कार्यकाल पूरा होने पर ब्लॉक और उप ब्लॉक अध्यक्षों का ऐलान कर दिया है. लेकिन अगले ही दिन रतलाम ग्रामीण जिला अध्यक्ष का इस्तीफा आना बड़ी वजह माना जा रहा है. कांग्रेस का कहना है कि यह एक लंबी प्रक्रिया थी, जिसके बाद ब्लॉक अध्यक्षों का ऐलान किया गया है. 

हर्ष विजय गहलोत ने अपना इस्तीफा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को भेजा है. उनका कहना है कि वह लगातार विधानसभा क्षेत्र में एक्टिव रहते हैं, जबकि पारिवारिक समस्याओं के चलते भी वह जिलाध्यक्ष के पद पर समय नहीं दे पा रहे हैं, ऐसे में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है. लेकिन उनके इस्तीफे से फिलहाल एमपी कांग्रेस में एक बार फिर सियासी हलचल देखने को मिल रही है.  

एक दिन पहले ही हुई ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 2 साल का कार्यकाल पूरा करते हुए मंगलवार को ही 780 ब्लॉक और उप ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की है। नियुक्ति के दूसरे ही दिन रतलाम जिला अध्यक्ष का इस्तीफा आ गया।

हीं न कहीं नियुक्ति में चूक हुई

कांग्रेस जिला अध्यक्षों के इस्तीफा को लेकर बड़वानी के कांग्रेस विधायक मोंटू सोलंकी ने कहा कि संगठन सृजन अभियान में इतनी लंबी प्रक्रिया करके नियुक्तियां हुई और उसके बाद अध्यक्ष यदि इस्तीफा दे रहे हैं तो कहीं ना कहीं इसमें चूक है। हालांकि वे यह भी कहते हैं कि ऐसे मामलों पर संगठन संज्ञान लेगा।

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति