जनजीवन, यातायात और निराश्रितों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही: सीएम

कोहरे और ठंड को लेकर सीएम योगी का सख्त निर्देश, बोले-फील्ड में अलर्ट रहें अफसर

मंडलायुक्त, आईजी, डीएम, पुलिस, ट्रैफिक बल, नगर निकाय को बेहतर प्रबंधन की जिम्मेदारी

सड़कों, गलियों, हाईवे से लेकर एक्सप्रेस-वे तक सुरक्षा इंतजाम रहें चाक-चौबंद

जनजीवन, यातायात और निराश्रितों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही: सीएम

टोल प्लाजा पर लाउडस्पीकर से दी जाएगी चेतावनी और ओवरस्पीडिंग पर होगी सख्त कार्रवाई

लखनऊ
 घने कोहरे और कड़ाके की ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रदेशभर में अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त, आईजी, जिलाधिकारी, पुलिस, ट्रैफिक और नगर निकायों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनजीवन, यातायात और निराश्रितों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि सड़कों, गलियों, हाईवे से लेकर एक्सप्रेस-वे तक सुरक्षा इंतजाम चाक-चौबंद रखे जाएं। इसके साथ ही, एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने, ब्लैक स्पॉट पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने, टीमें तैनात करने, क्रेन और एम्बुलेंस को 24×7 उपलब्ध रखने तथा टोल प्लाजा पर लाउडस्पीकर से चालकों को कोहरे की चेतावनी देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खराब विजिबिलिटी में यातायात प्रबंधन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क प्रकाश व्यवस्था, रिफ्लेक्टर, पेट्रोलिंग और आपात सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। डार्क स्पॉट चिन्हित कर वहां तत्काल बेहतर इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। एनएचएआई और स्टेट हाईवे अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया है।

कोई भी व्यक्ति खुले में सोता न मिले : सीएम
ठंड और शीतलहर के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी ने यह भी निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति खुले में सोता न मिले। निराश्रितों को रैन बसेरों तक पहुंचाया जाए, जहां हीटर, अलाव और कंबल की समुचित व्यवस्था हो। गोशालाओं में भी गोवंश को ठंड से बचाने के लिए अलाव और अन्य जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

  •  
  • प्रशासन ने जारी की धुंध और कोहरे के दौरान सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 'ट्रैवल गाइडलाइन'
  • – धुंध के दौरान वाहन की गति निर्धारित सीमा से कम रखें।
  • – वाहन की फॉग लाइट का प्रयोग करें और लो-बीम पर हेडलाइट रखें। 
  • – इमरजेंसी इंडिकेटर्स को चालू रखें 
  • – आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें 
  • – एक्सप्रेस-वे पर बार-बार लेन बदलने से बचें
  • – ओवरटेकिंग बिल्कुल न करें
  • – यदि कोहरा बहुत घना हो, तो रिस्क न लें
  • – अपने वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर टेप जरूर लगवाएं

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति