नॉरोवायरस का खतरा बढ़ा: 12 से 48 घंटे में दिखते हैं लक्षण, जानिए पूरी जानकारी

अगर बिना किसी चेतावनी के उल्टी और दस्त शुरू हो जाएं, तो इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। यह लक्षण नॉरोवायरस संक्रमण के हो सकते हैं—एक ऐसा वायरस जो पेट और आंतों पर हमला करता है और बहुत तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। अक्सर लोग इसे Stomach flu  समझ लेते हैं, लेकिन इसका फ्लू या इन्फ्लुएंजा वायरस से कोई संबंध नहीं है।

क्या है नॉरोवायरस?
नॉरोवायरस दुनिया में पेट से जुड़ी बीमारियों और फूड पॉइजनिंग का एक बड़ा कारण माना जाता है। इसका पहला बड़ा मामला साल 1968 में अमेरिका के ओहायो राज्य के नॉरवॉक शहर में सामने आया था, इसी वजह से इसे पहले नॉरवॉक वायरस कहा जाता था।

कितना आम है यह संक्रमण?
नॉरोवायरस बेहद आम है और हर साल दुनियाभर में इसके करीब 68.5 करोड़ मामले सामने आते हैं। इनमें 20 करोड़ से ज्यादा बच्चे शामिल होते हैं। यह वायरस खासतौर पर ठंड के मौसम में ज्यादा फैलता है और नवंबर से अप्रैल के बीच इसके मामले तेजी से बढ़ते हैं।

नॉरोवायरस के लक्षण क्या होते हैं?
इस संक्रमण के लक्षण अचानक शुरू होते हैं और तेजी से बिगड़ सकते हैं।

मुख्य लक्षण हैं:-

    मतली और बार-बार उल्टी

    पानी जैसे दस्त

    पेट में दर्द और ऐंठन

इसके अलावा कुछ लोगों में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक कमजोरी भी देखी जाती है। वायरस के संपर्क में आने के 12 से 48 घंटे के भीतर लक्षण दिखने लगते हैं और आमतौर पर 1 से 3 दिन तक रहते हैं।

नॉरोवायरस कैसे फैलता है?

यह वायरस बहुत ज्यादा संक्रामक होता है और कई तरीकों से फैल सकता है:

    संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से

    दूषित सतह छूने के बाद मुंह या नाक छूने से

    गंदा या अधपका खाना खाने से

    दूषित पानी पीने से

अक्सर यह तब फैलता है जब संक्रमित व्यक्ति खाना बनाता या परोसता है। कुछ समुद्री भोजन, जैसे ऑयस्टर, प्राकृतिक रूप से भी इससे संक्रमित हो सकते हैं।

क्यों हो सकता है यह खतरनाक?
हालांकि ज्यादातर मामलों में बीमारी कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी परेशानी है डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी।

डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं:

    पेशाब कम होना

    मुंह सूखना

    चक्कर आना

    अत्यधिक कमजोरी

    बच्चों में सुस्ती, ज्यादा नींद या बिना आंसू के रोना

इलाज क्या है?
नॉरोवायरस के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। इलाज का मतलब है लक्षणों को संभालना:

    ज्यादा से ज्यादा पानी और ORS लेना

    पूरा आराम करना

    हल्का, सादा और सुपाच्य भोजन करना

बचाव कैसे करें?

इस वायरस से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है:

    साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं

    खाना अच्छी तरह पकाकर खाएं

    गंदी सतहों को साफ रखें

    बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखें

ध्यान रखें, हैंड सैनिटाइजर नॉरोवायरस पर ज्यादा असरदार नहीं होता, इसलिए हाथ धोना सबसे जरूरी है।

क्या नॉरोवायरस दोबारा हो सकता है?
हां। नॉरोवायरस के कई प्रकार होते हैं, इसलिए एक बार संक्रमण हो जाने के बाद भी व्यक्ति दोबारा इसकी चपेट में आ सकता है।

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