पर्यटकों की भारी डिमांड: पचमढ़ी में सर्दियों से पहले होटल 60% तक फुल, सफारी किराए में बढ़ोतरी

नर्मदापुरम
मध्य प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की संख्या एक बार फिर बढ़ने जा रही है। चार दिन बाद विंटर वेकेशन शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में सैलानी पचमढ़ी का रुख करेंगे। इसी के साथ 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक पचमढ़ी में पीक सीजन घोषित किया गया है। पर्यटकों को अब जिप्सी सफारी के लिए प्रति पर्यटन स्थल पुराने किराए से एक हजार रुपए अधिक चुकाने होंगे। यह बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक लागू रहेगा। वहीं होटलों के कमरों के किराए में भी 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।
 
12 से 14 दिन की एडवांस बुकिंग, होटल 60% तक फुल
पचमढ़ी में अगले 12 से 14 दिनों के लिए एडवांस बुकिंग चल रही है। कई होटल पहले ही 60 प्रतिशत तक बुक हो चुके हैं। होटल संचालकों के अनुसार, इस समय होटलों में कमरे 2000 रुपए से शुरू हो रहे हैं और पीक सीजन के दौरान किराया बढ़ा रहेगा। पचमढ़ी में करीब 100 छोटे-बड़े होटल हैं, लेकिन भीड़ बढ़ने पर कमरों की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं रहती।

टैक्सी किराए में बढ़ोतरी
एक टैक्सी संचालक ने बताया कि पीक सीजन के दौरान जिस भी पर्यटन स्थल के लिए तय किराया है, उस पर एक हजार रुपए अतिरिक्त देना होगा। बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक प्रभावी रहेगा।

नए साल के लिए 60% से ज्यादा बुकिंग
नए साल के जश्न को लेकर पचमढ़ी में खासा उत्साह है। होटल और रिसॉर्ट्स में 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए 60 प्रतिशत से अधिक बुकिंग पहले ही हो चुकी है। शनिवार-रविवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटक पचमढ़ी पहुंच रहे हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस विभाग ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। पचमढ़ी की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पिपरिया एसडीओपी को सौंपी है। पचमढ़ी में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और जाम से निपटने के लिए विशेष पॉइंट चिन्हित किए जा रहे हैं। इस दौरान कैमरों से निगरानी की जाएगी। पचमढ़ी और पिपरिया थाना स्टाफ भी लगातार गश्त करेगा।
 
ये हैं पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल, जो लुभाते हैं पर्यटकों का दिल
पांडव गुफाएं: मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां समय बिताया।
कृतिक झरने: बी-फॉल, रजत प्रपात (करीब 350 फीट ऊंचा) और अप्सरा विहार।
धूपगढ़: पचमढ़ी का सबसे ऊंचा बिंदु, जहां से सूर्यास्त का दृश्य बेहद आकर्षक होता है।
धार्मिक स्थल: चौरागढ़ और जटाशंकर प्रमुख शिव मंदिर हैं, जहां महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ उमड़ती है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति