स्कूलों को चेतावनी: बच्चों को सांता क्लॉज बनाने के लिए मजबूर न करें

श्री गंगानगर

श्रीगंगानगर जिले के निजी स्कूलों में क्रिसमस के अवसर पर बच्चों को सांता क्लॉज की ड्रेस पहनाने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अशोक वधवा ने सभी निजी स्कूलों के प्राचार्यों और प्रबंधकों को आदेश जारी कर चेतावनी दी है कि यदि ऐसी कोई शिकायत प्राप्त हुई तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह आदेश भारत-तिब्बत सहयोग मंच की शिकायत पर आधारित है। मंच के जिलाध्यक्ष सुखजीत सिंह अटवाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की थी कि स्कूलों में बच्चों को जबरन सांता क्लॉज नहीं बनाया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीगंगानगर मुख्य रूप से सनातन हिंदू-सिख बहुल क्षेत्र है और पिछले कुछ वर्षों से स्कूलों में क्रिसमस पर बच्चों को जबरन सांता क्लॉज बनाना एक प्रथा बन गई है।

मंच ने स्कूलों में भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की भी मांग की। अटवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है, जो गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है। इसलिए सभी स्कूलों को इस दिन भारतीय संस्कृति के गौरव और श्रेष्ठ बलिदान की परंपरा के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

एडीईओ अशोक वधवा ने स्पष्ट किया कि यदि अभिभावकों और बच्चों की सहमति से सांता क्लॉज बनाया जा रहा है, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जबरदस्ती करने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "एक तरफ बाल दिवस मनाया जा रहा है, दूसरी तरफ क्रिसमस। शिकायतें आई हैं कि निजी स्कूलों में दबाव डालकर बच्चों को सांता बनाया जा रहा है। सहमति से ठीक है, लेकिन जबरन नहीं।"

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति