खेल क्षेत्र में करियर को मिलेगी नई रफ्तार, पेशेवरों के लिए इंटर्नशिप नीति लागू

नई दिल्ली
नई नीति के तहत, युवा मामले और खेल मंत्रालय और इसके प्रमुख संस्थानों में सालाना 452 इंटर्नशिप की पेशकश की जाएगी। इनमें भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) और राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल) शामिल हैं। युवा मामले और खेल मंत्रालय ने मंगलवार को खेल ईकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए संरचित, बड़े पैमाने का मंच बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक इंटर्नशिप नीति लॉन्च की। केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा, "भारत के खेल ईकोसिस्टम में बदलाव के लिए कुशल पेशेवरों और युवा प्रतिभाओं की ओर से समर्थित मजबूत संस्थागत समर्थन की जरूरत है। इस इंटर्नशिप कार्यक्रम के जरिए हम युवाओं के लिए खेल शासन और प्रशासन के द्वार खोल रहे हैं, जिससे वे व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें और खेलों के जरिए राष्ट्र निर्माण में दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकें।"
डॉ. मांडविया के अनुसार, यह कार्यक्रम पेशेवर रूप से प्रशिक्षित लोगों की बढ़ती जरूरत को पूरा करता है। भारत अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहा है, गवर्नेंस सुधारों को मजबूत कर रहा है और खेल की दुनिया में अपनी पहचान बढ़ा रहा है। यह पहल युवाओं को भारत की खेल यात्रा में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाएगी। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय खेल नीति और खेलो भारत नीति 2025 के उद्देश्यों के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है, जिसमें युवा सशक्तिकरण, क्षमता निर्माण और खेल प्रशासन के व्यवसायीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह नीति भारत के उस दूरगामी दृष्टिकोण का समर्थन करती है जिसमें एक ऐसा स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाया जाएगा जो भविष्य के लिए तैयार हो, जो बेहतरीन परफॉर्मेंस को बनाए रखते हुए बड़े इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट्स की मेजबानी कर सके।
इंटर्नशिप 20 से ज्यादा फंक्शनल डोमेन में होंगी, जिसमें स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, स्पोर्ट्स साइंस, इवेंट ऑपरेशंस, मीडिया और कम्युनिकेशन, कानूनी मामले, आईटी सिस्टम, इंटरनेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस और एंटी-डोपिंग शामिल हैं। स्पोर्ट्स साइंस रिसर्च, लेबोरेटरी टेस्टिंग, डेटा एनालिसिस और एथलीटों को साइंटिफिक सपोर्ट पर खास ध्यान दिया जाएगा।
नाडा में शामिल इंटर्न्स एंटी-डोपिंग जागरूकता, कानूनी अनुपालन, केस मैनेजमेंट और पॉलिसी सपोर्ट में मदद करेंगे, जबकि एनडीटीएल में काम करने वाले इंटर्न्स को सैंपल एनालिसिस और रिसर्च सहित एडवांस्ड लेबोरेटरी-आधारित एंटी-डोपिंग प्रक्रियाओं का अनुभव मिलेगा। प्रतिवर्ष दो रिक्रूटमेंट साइकिल जनवरी और जुलाई में होंगी।

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति