वीडियो विवाद के बाद बवाल: आसिम मुनीर के गुस्से का शिकार बना इमरान खान का पूर्व सलाहकार, लंदन में जानलेवा हमला

लंदन 
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी और पूर्व जवाबदेही सलाहकार मिर्जा शहजाद अकबर पर ब्रिटेन के कैम्ब्रिज में उनके घर के पास नकाबपोश हमलावरों ने जानलेवा हमला किया। हमले में अकबर के चेहरे पर कई मुक्के मारे गए, जिससे उनकी नाक दो जगहों से टूट गई और जबड़े में हेयरलाइन फ्रैक्चर हो गया। वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे सुनियोजित हमला करार दिया। पार्टी के अनुसार, हमलावर मास्क, दस्ताने और ओवरकोट पहने हुए था जो पहले से प्लानिंग का संकेत देता है। पीटीआई का दावा है कि हमला पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के इशारे पर किया गया, क्योंकि अकबर उनकी कट्टर आलोचना करते रहे हैं।

वायरल भाषण के बाद हमला
हमला ऐसे समय हुआ जब अकबर का एक हालिया भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। लंदन में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर एक प्रदर्शन में अकबर ने मुनीर पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि मुनिर पिछले साढ़े तीन वर्षों से पाकिस्तान को डर और आतंक से चला रहे हैं। अकबर ने अपने भाषण में कहा- उन्होंने हमारे घरों पर हमला किया, हमारे प्रियजनों को अगवा किया, हमें और हमारे नेताओं को अगवा किया। हर तरह की ज्यादतियां कीं ताकि हममें डर पैदा हो। अगर वे सफल होते तो आज हम यहां बड़ी संख्या में न होते। अगर उनका डर फैल जाता तो अदियाला जेल के बाहर इमरान खान की तीन बहनें न बैठी होतीं। इसका मतलब है कि वे असफल हो चुके हैं।

उन्होंने मुनीर पर व्यंग्य करते हुए कहा- डर और आतंक उस व्यक्ति में फैल गया है जो अभी भी अपनी यूनिफॉर्म के नीचे बुलेटप्रूफ जैकेट पहनता है। पीटीआई का कहना है कि यह हमला इसी भाषण का बदला है और इसे सिलसिलेवार दमन का मामला बताया जा रहा है। पार्टी ने ब्रिटिश पुलिस से पूरी जांच की मांग की है।

प्रत्यर्पण की कोशिशें और पुराना हमला
अकबर 2022 में इमरान खान की सरकार गिरने के बाद से ब्रिटेन में स्व-निर्वासन में रह रहे हैं। पाकिस्तान सरकार उन्हें विभिन्न मामलों में आरोपी मानती है और हाल ही में उनका प्रत्यर्पण मांग रही है। दिसंबर में पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ब्रिटिश अधिकारियों को प्रत्यर्पण दस्तावेज सौंपे थे, जिसमें नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी), फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) और अन्य जांचों के केस शामिल हैं। पाकिस्तानी अदालत ने अकबर को भगोड़ा घोषित किया है।

यह अकबर पर ब्रिटेन में दूसरा हमला है। 2023 में हर्टफोर्डशायर में उनके घर पर एसिड अटैक हुआ था, जिसमें उनके चेहरे, सिर और बांह पर जलन के निशान पड़ गए थे। उस हमले के बाद उन्होंने पाकिस्तानी सरकार पर आरोप लगाए थे, लेकिन ब्रिटिश पुलिस जांच बंद कर चुकी है।

अकबर के समर्थकों और पीटीआई ने इसे पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व द्वारा विदेशों में आलोचकों को निशाना बनाने का उदाहरण बताया है। मानवाधिकार संगठनों ने भी चिंता जताई है कि राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए ट्रांसनेशनल दमन बढ़ रहा है। ब्रिटिश पुलिस ने हमले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज आदि सुरक्षित कर लिए हैं। अकबर ने हमले के बाद कहा कि वे घायल हैं लेकिन हतोत्साहित नहीं। वे पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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