क्या RLM में बढ़ रही है टूट? तीन विधायकों की नितिन नवीन से मुलाकात, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से अलग राह

पटना 
बिहार की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर है। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन विधायकों ने दिल्ली जाकर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की तो दूसरी ओर अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की लिट्टी चोखा पार्टी से किनारा कर लिया। पहले भी रालोमो के भीतर खटपट की खबरें आ चुकी हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से हर बार एकजुटता का दावा और किसी की नाराजगी से इनकार किया जाता रहा है। उपेंद्र कुशवाहा पर बेटे दीपक प्रकाश को बिना चुनाव लड़ाए मंत्री बनाने से परिवारवाद के आरोप लग रहे हैं।
 
बुधवार की शाम पटना में राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर लिट्टी चोखा पार्टी का आयोजन किया गया। इसमें मीडिया जगत और राजनीति की कई हस्तियो ने शिरकत की और लिट्टी चोखा का आनंद लिया। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक कुशवाहा की पार्टी के तीन विधायक माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह इस पार्टी में शामिल नहीं हुए। इसे लेकर चर्चा का बाजार गर्म रहा पर आधिकारिक रूप से ना किसी ने सवाल पूछा और ना कोई जवाब आया।

गुरुवार को अचानक सियासत तब सुलग गई जब माधव आनंद के फेसबुक पर कुछ खास तस्वीरें शेयर की गईं। रालोमो के तीनों विधायक दिल्ली में थे। वे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ दिखे। इन विधायकों ने नितिन नवीन से ना सिर्फ मुलाकात की बल्कि तस्वीरें शेयर कर देश को इसकी जानकारी भी दी। फेसबुक पोस्ट में माधव आनंद ने लिखा- "आज भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष माननीय श्री नितिन नवीन जी से उनके पदभार ग्रहण के उपरांत औपचारिक एवं शिष्टाचार भेंट कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर बाजपट्टी विधानसभा के माननीय विधायक श्री रामेश्वर महतो जी, दिनारा विधानसभा से माननीय विधायक श्री आलोक सिंह जी भी उपस्थित रहे। हम सभी ने उनके नए दायित्व के सफल एवं प्रभावी निर्वहन हेतु शुभेच्छाएँ व्यक्त कीं।"

रामेश्वर महतो भी कर चुके हैं फेसबुक पोस्ट
रालोमो के चार विधायक हैं जिनमें एक कुशवाहा की पत्नी हैं। एक साथ तीन विधायकों की गैरहाजिरी रही। सोशल मीडिया पोस्ट बहुत सामान्य है पर इसकी टाइमिंग को लेकर बड़े कयास लगाए जा रहे हैं। परिवारवाद का आरोप झेल रहे उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में ऑल इज वेल है या खटपट, यह सवाल सियासी गलियारे में हिलोरें ले रहा है। इससे पहले विधायक रामेश्वर महतो भी फेसबुक पर अपने दिल की बात बता चुके हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर शीर्ष नेतृत्व की नीयत और नीति पर सवाल उठाया था।

 

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति