भारत जो कहता है, वही बनता है वैश्विक एजेंडा: राजनाथ सिंह का बड़ा बयान

लखनऊ 
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निर्माण के लिए बधाई देते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की एकता और अखंडता के लिए लंबा संघर्ष किया और धारा 370 के विरोध में अपने प्राणों का बलिदान किया। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के इस सपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत की आर्थिक और वैश्विक हैसियत अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने दावा किया कि देश में महंगाई दर एक प्रतिशत से नीचे है और विकास दर आठ प्रतिशत से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत क्या बोल रहा है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। राजनाथ सिंह ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव, गरीब और किसानों के लिए बड़े और निर्णायक फैसले किए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा में पहले बड़े पैमाने पर धांधली होती थी, लेकिन अब व्यवस्था में पारदर्शिता लाई गई है। गांवों के विकास के लिए नए विधेयक के तहत अब 100 की जगह 125 दिनों का काम मिलेगा और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को याद करते हुए कहा कि एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन आजाद भारत की सबसे बड़ी दार्शनिक अवधारणाओं में से एक है। दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता करते हुए जो विचार दिए, उन्हीं के आधार पर आज प्रधानमंत्री मोदी सरकार चला रहे हैं। उनका मानना था कि केवल धन से व्यक्ति सुखी नहीं हो सकता, बल्कि मान-सम्मान, शिक्षा और आत्मिक संतुलन भी उतना ही जरूरी है।
रक्षा मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उनके विनोदी स्वभाव का उल्लेख किया। उन्होंने अटल की पाकिस्तान यात्रा का किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक महिला पत्रकार ने उनसे मजाकिया अंदाज में शादी का प्रस्ताव रखते हुए कश्मीर मांगा था, जिस पर अटल ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था कि वे तैयार हैं, लेकिन बदले में पाकिस्तान चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाने वाले सबसे बड़े नेता हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री को अब तक 29 देशों के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा जा चुका है। राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे राष्ट्रनायकों को सम्मान देना और उनकी विरासत को स्मरण करना प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है। यही कारण है कि इन तीनों महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने भारत को नई पहचान दी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया। 

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