गाजा पर इजरायल का सख्त रुख, रक्षा मंत्री काट्ज बोले— कभी नहीं होगी पूरी तरह वापसी

तेल अवीव 
अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए पहचाने जाने वाले इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने फिर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है, "इजरायल गाजा पट्टी को पूरी तरह कभी भी खाली नहीं करेगा।" इजरायल के प्रमुख न्यूज पेपर्स में से एक माकोर रिशोन द्वारा आयोजित एक कॉन्फ्रेंस के दौरान काट्ज ने कहा, "गाजा में, इजरायल कभी भी पूरी तरह से पीछे नहीं हटेगा—पट्टी के अंदर एक महत्वपूर्ण सुरक्षा क्षेत्र होगा, भले ही हम (शांति समझौते के) दूसरे चरण में चले जाएं, अगर हमास हथियार छोड़ देता है, तो इजरायली समुदायों की रक्षा के लिए हम गाजा के अंदर सिक्योरिटी का प्रबंध करेंगे।" 

उन्होंने आगे कहा, "उचित समय पर, हम उत्तरी गाजा में उन बस्तियों की जगह पर नाहल चौकियां स्थापित करेंगे जो उखाड़ दी गई थीं।" नाहल इजरायली सेना की एक इकाई है जो सैन्य सेवा के साथ नागरिक कार्यों को जोड़ती है और ऐतिहासिक रूप से इजरायली बस्तियों की स्थापना में भूमिका निभाती रही है। काट्ज ने फिलाडेल्फी कॉरिडोर (गाजा और मिस्र के बीच की सीमा) पर नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा ऐसा नहीं हुआ तो ईरान हथियारों की तस्करी करने में सफल होगा। उन्होंने कहा कि अगर हमास निरस्त्रीकरण नहीं करता, तो इजरायल खुद ऐसा करेगा। काट्ज ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह बस्तियां बसाने की घोषणा नहीं है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से कहा जा रहा है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, "रिवर्स तो मैं सिर्फ गाड़ी चलाते समय करता हूं," यानी वह अपने बयान से पीछे नहीं हट रहे। हालांकि, बाद में रॉयटर्स को दिए बयान में उन्होंने स्पष्ट किया, "सरकार का गाजा पट्टी में बस्तियां बसाने का कोई इरादा नहीं है। नाहल इकाइयां केवल सुरक्षा कारणों से तैनात की जाएंगी।

उन्होंने दावा किया कि गाजा के लिए उनका "विजन" "सही समय पर" पूरा किया जाएगा। काट्ज का दावा है कि "लोगों ने मेरे शब्दों की व्याख्या गाजा के अंदर बस्तियों की स्थापना की घोषणा के रूप में करने की कोशिश की," और उनका इरादा ऐसा नहीं था। इससे पहले मंगलवार को भी काट्ज ने कहा था कि इजरायली सेना गाजा पट्टी से कभी भी पूरी तरह से पीछे नहीं हटेगी। सुरक्षा कारणों से गाजा के अंदर एक महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्र रहेगा और एक सैन्य इकाई स्थापित की जाएगी। यह बयान कब्जे वाले वेस्ट बैंक के बेत एल बस्ती में एक समारोह के दौरान दिया गया, जहां 1,200 आवास इकाइयों की मंजूरी का जश्न मनाया जा रहा था।

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