लेटर ने बढ़ाई सियासी तपिश: AAP ने LG को बताया ‘गजनी’, BJP ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली  
दिल्ली में हवा चलने की वजह से एक्यूआई में भले ही कुछ सुधार हो गया है, लेकिन इस बीच राजनीति 'गंभीर श्रेणी' में पहुंच गई है। दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी 'आप' के बीच टकराव और आरोप-प्रत्यारोप चरम पर पहुंच गया है। एलजी विनय सक्सेना की ओर से अरविंद केजरीवाल को लिखे गए लेटर के बाद 'आप' भड़की हुई है। अब फिल्मी पलटवार करते हुए केजरीवाल की पार्टी ने एलजी को 'गजनी' बताते हुए उनका पोस्टर जारी किया है। वहीं, भाजपा ने जवाब देते हुए कहा कि भूले तो दिल्ली को केजरीवाल हैं, इसलिए तस्वीर उनकी ही लगानी चाहिए थी।

दरअसल पिछले दिनों एलजी वीके सक्सेना ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के नाम 15 पन्नों का लेटर लिखते हुए उन पर कई आरोप लगाए। एलजी ने कहा कि जब केजरीवाल सीएम थे तो उनके सामने प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर करने पर आप प्रमुख ने इसे नजरअंदाज करने को कहा था। एलजी के मुताबिक केजरीवाल ने कहा था, 'सर यह हर साल होता है। मीडिया इसे 15-20 दिन उठाती है। एक्टिविस्ट और कोर्ट मुद्दा बनाते हैं और फिर हर कोई भूल जाता है। आपको भी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए।'

एलजी की ओर से किए गए इन दावों को पहले तो 'आप' ने खारिज किया और फिर फिल्मी पोस्टर के जरिए पलटवार किया है। 'आप' ने आमिर खान की फिल्म 'गजनी' के पोस्टर में फेरबदल करते हुए एलजी पर निशाना साधा। आप दिल्ली के एक्स हैंडल पर इस पोस्टर को साझा करते हुए LG का मतलब बताया गया- लो क्वालिटी गजनी। पोस्टर पर लिखा गया है, 'दिल्ली में भारी प्रदूषण से गई एलजी की याददास्त, केजरीवाल को लिखा पत्र।' फिल्म के पोस्टर को एडिट करके एलजी का चेहरा लगा दिया गया है। शरीर पर- केजरीवाल इज रिस्पॉन्सिबल, बीजेपी, पलूशन, दिल्ली इन 2025 जैसे शब्द लिखे हैं। 'आप' का कहना है कि सक्सेना भूल गए हैं कि अब दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और प्रदूषण से निपटने की जिम्मेदारी उसकी है।

वीरेंद्र सचदेवा ने 'आप' पर पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल दिल्ली को भूले हैं, इसलिए तस्वीर उनकी ही लगानी चाहिए थी। उन्होंने मौजूदा हालात के लिए पूर्व की आप सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा, 'जिम्मेदारी हमारी है लेकिन किन चीजों की? उन पापों की जो आपने 12 साल में किए। आज प्रदूषण की जो हालत है उसके लिए जिम्मेदार कौन हैं। एलजी ने जो कहा वह मेरे लिए भी हैरान करने वाला है। उस समय के मुख्यमंत्री, जब एलजी प्रदूषण पर बात करते हैं, तो कहते हैं कि 15-20 दिन का मुद्दा है, मीडिया उठाएगी, कुछ लोग कोर्ट जाएंगे और फिर बात खत्म हो जाएगी। इस पर बात करने की जरूरत नहीं है। आज की हालत के लिए केजरीवाल जिम्मेदार हैं।जहां तक पोस्टर की बात है, गजनी को भूलने की बीमारी थी। दिल्ली में करारी हार के बाद कोई भूला है तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। आप के विदूषकों ने तस्वीर गलत लगाई है, अरविंद केजरीवाल की लगानी चाहिए थी जो दिल्ली को भूलकर भाग गए।'

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति