नए साल में करें नई शुरूआतः 2026 में ओरल हेल्थ पर दें खास ध्यान – डॉ सोनिया दत्ता

भोपाल
डॉ सोनिया दत्ता, एमडीएस, पीएचडी; प्रोफेसर, पब्लिक हेल्थ डेन्टिस्ट्री के अनुसार, क्या आप जानते हैं कि आपकी ओरल हेल्थ यानि मुंह के स्वास्थ्य का असर शरीर के पूरे स्वास्थ्य पर पड़ता है। उदाहरण के लिए अगर आपके मसूड़ों में सूजन है तो इसका असर पाचन पर, हृदय पर और पूरी सेहत पर भी पड़ सकता है। तो क्यों न नए साल की शुरूआत के साथ अपनी आदतों में कुछ बदलाव लाएं और मुंह की देखभाल पर विशेष ध्यान दें। अक्सर जब भी सेहत की बात आती है तो हम अपने खाने, व्यायाम, और नींद जैसे पहलुओं की बात करते हैं। क्योंकि हमें लगता है कि ये सभी पहलु हमारे स्वास्थ्य पर सीधा असर डालते हैं। लेकिन एक और महत्वपूर्ण पहलु है आपका मुंह, जिससे पूरे शरीर का स्वास्थ्य जुड़ा है। इसलिए अगर आप 2026 में अपनी सेहत की देखभाल का संकल्प लेने जा रहे हैं, तो सबसे पहले ओरल केयर पर ध्यान दें।

आयुर्वेद को अपनाएं-आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां को सदियों से मुंह के स्वास्थ्य के लिए कारगर माना जाता रहा है। ऐसी ही कुछ जड़ी-बूटियां हैं: लौंग का तेल- यह मुंह में बैक्टीरिया को पनपने से रोकता हैं, और असहजता को दूर करता है।; पुदीना सत्वा- सांसों की ताज़गी बनाए रखता है।; तोमर बीज- मसूड़ों को साफ एवं स्वस्थ बनाता है।; डाबर रैड जैसे टूथपेस्ट में ये सभी जड़ी-बूटियां हैं, इसे आईडीए की सील ऑफ एक्सेप्टेन्स भी मिली है। ऐसे में प्राकृतिक और कारगर है। 

2026 में अपनाएं छोटी-छोटी आदतें-ये आदतें ला सकती हैं बड़ा बदलाव: दिन में दो बार पूरे दो मिनट तक ब्रश करें-40 सैकण्ड में जल्दी-जल्दी नहीं।; डाबर रैड टूथपेस्ट जैसे आयुर्वेदिक टूथपेस्ट चुनें।; रोज़ाना अपनी जीभ को साफ़ करें।; फ्लॉस या इंटरडेंटल क्लीनर का इस्तेमाल करें।; ज़्यादा पानी पीएं, ऐसा करने से लार अच्छी बनेगी, जो आपके मुंह को भीतर से सुरक्षित रखेगी। 

अगर आप ओरल केयर के लिए बेहतर रूटीन अपनाते हैं, तो इसका असर आपको तुरंत दिखने लगेगा और लम्बे समय तक महसूस होगा। मुंह की देखभाल सही तरह से करने पर दांतों का इनेमल मजबूत होता है, प्लॉक कम जमता है और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं। दोपहर तक भी आपकी सांसों की ताज़गी बरक़रार रहती है। ऐसा करने से आप सेंसिटीविटी, कैविटी और इन्फेक्शन से बचे रहते हैं। इसके अलावा मुंह की सही देखभाल आपके पूरे शरीर के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति