क्लासरूम से टीवी की हॉट सीट तक, विभा चौबे बनीं छत्तीसगढ़ की पहली महिला शिक्षिका केबीसी में

 सरगुजा 

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की एक साधारण-सी शिक्षिका ने अपनी मेहनत, ज्ञान और आत्मविश्वास के दम पर असाधारण मुकाम हासिल कर जिले ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है. सरगुजा जिले की रहने वाली शिक्षिका विभा चौबे देश के सबसे प्रतिष्ठित क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) की हॉट सीट तक पहुंचने वाली जिले की पहली महिला बन गई हैं. इतना ही नहीं, विभा चौबे छत्तीसगढ़ की पहली महिला शिक्षिका होंगी, जो KBC के मंच पर हॉट सीट पर बैठकर खेलती हुई नजर आएंगी. वर्षों की तैयारी, निरंतर प्रयास और ज्ञान के बल पर उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. विभा चौबे का KBC एपिसोड 31 जनवरी को प्रसारित किया जाएगा. 

केबीसी की तैयारी सालों की मेहनत का नतीजा
विभा चौबे ने बातचीत में बताया कि केबीसी में पहुंचने की तैयारी वह काफी समय से कर रही थीं. जैसे ही केबीसी के लिए रजिस्ट्रेशन लाइन खुलती है, तुरंत आवेदन करना होता है. इसके बाद आईबीआर कॉल और ऑडिशन जैसी कठिन प्रक्रियाओं से गुजरकर ही प्रतिभागी शो तक पहुंच पाते हैं.

अमिताभ बच्चन से मुलाकात सादगी ने किया प्रभावित
महानायक अमिताभ बच्चन से मुलाकात के अनुभव को साझा करते हुए विभा चौबे ने कहा कि वह पल उनके लिए बेहद खास और अविस्मरणीय था. उन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन बिल्कुल एक सामान्य व्यक्ति की तरह मिलते हैं. उनसे मिलकर यह एहसास ही नहीं होता कि वह इतने बड़े सुपरस्टार हैं. वह प्रतिभागियों की पृष्ठभूमि, शहर और संस्कृति के बारे में जानने में गहरी रुचि रखते हैं और पूरे मन से बातचीत करते हैं.

प्रतिभागियों को सहज बनाते हैं बिग बी
विभा चौबे ने बताया कि अमिताभ बच्चन प्रतिभागियों को बेहद सहज महसूस कराते हैं, जिससे बिना झिझक खुलकर बातचीत हो पाती है। वह न सिर्फ प्रेरणा देते हैं, बल्कि उनके व्यवहार से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

83 की उम्र में भी अनुशासन और ऊर्जा की मिसाल
विभा ने कहा कि 83 वर्ष की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का अनुशासन और मेहनत काबिले-तारीफ है. वह सेट पर रोज 10 से 12 घंटे तक मौजूद रहते हैं, लेकिन उनके चेहरे पर कभी थकान नजर नहीं आती. विभा चौबे ने बताया कि उन्होंने कभी अमिताभ बच्चन को मोबाइल का इस्तेमाल करते नहीं देखा, वह पूरी तरह अपने काम और दर्शकों से जुड़े रहते हैं.

शिक्षिका होने के साथ केबीसी की चुनौतीपूर्ण तैयारी
एक शिक्षिका होने के नाते केबीसी की तैयारी आसान नहीं थी। विभा चौबे ने बताया कि परिवार, बच्चों, नौकरी और शहर से दूर पोस्टिंग के बावजूद उन्होंने अपने सपने को कभी छोड़ा नहीं. उनका मानना है कि जब किसी लक्ष्य को लेकर सच्चा जुनून हो, तो इंसान उसके लिए समय निकाल ही लेता है.

पुराना सपना, लगातार प्रयास जानिए
विभा चौबे ने बताया कि केबीसी शुरू होने के समय से ही उनका सपना था कि वे इस मंच पर पहुंचें. शुरुआती दौर में एसटीडी-पीसीओ से सवाल पूछे जाते थे, लेकिन कंप्यूटर की जानकारी न होने के कारण वह सही जवाब नहीं दे पाईं। इसके बावजूद उनका प्रयास लगातार जारी रहा.

2022 से 2024 तक नहीं मिला मौका
विभा ने बताया कि 2022 में उन्हें आईबीआर कॉल आया, लेकिन ऑडिशन कॉल नहीं मिली. 2023 में भी मौका हाथ नहीं लगा. 2024 में फिर आईबीआर कॉल आया, लेकिन ऑडिशन तक बात नहीं बन सकी।लगातार तीन साल निराशा के बाद भी उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी.

2025 में पूरा हुआ सपना साकार
आखिरकार 2025 में उन्हें ऑडिशन और शो में जाने का अवसर मिला. पहली कॉल आने का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उस खुशी को शब्दों में बयां करना मुश्किल है. पूरे परिवार में खुशी का माहौल था.

3 करोड़ में से चुना जाना बड़ी उपलब्धि
विभा चौबे ने बताया कि इस साल करीब 3 करोड़ लोगों ने केबीसी के लिए रजिस्ट्रेशन किया था, जिनमें से बहुत कम लोगों को ही कॉल आती है. ऐसे में चुना जाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है.

शो का अनुभव: बिना घबराहट के दिए जवाब
शो के अनुभव पर उन्होंने बताया कि हॉट सीट पर बैठते समय उन्हें किसी तरह की घबराहट नहीं हुई, क्योंकि वह पूरी तैयारी के साथ गई थीं. उन्होंने तीनों लाइफलाइन का इस्तेमाल किया.

12 सवाल सही, 13वें पर किया क्विट जानिए कैसे
विभा चौबे ने बताया कि उन्होंने कुल 12 सवालों के सही जवाब दिए और संदूक राउंड में 9 प्रश्नों के उत्तर सही दिए. एक सवाल चूकने के कारण अमिताभ बच्चन के साथ डिनर का मौका नहीं मिल सका.

उन्होंने 13वें सवाल पर क्विट करने का फैसला किया.

हॉट सीट पर दिल खोलकर बातचीत जानिए
प्रसारण से पहले होने के कारण उन्होंने सवालों का खुलासा नहीं किया, लेकिन यह जरूर बताया कि हॉट सीट पर बैठकर अमिताभ बच्चन जी से दिल खोलकर बातचीत करने का अनुभव उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा.

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