जबलपुर–दमोह फोरलेन परियोजना का सर्वे पूरा, 150 फीट चौड़ी सड़क से बदलेगा क्षेत्र का ट्रैफिक नक्शा

जबलपुर
जबलपुर से दमोह के बीच करीब 100 किलोमीटर लंबी सड़क को दो लेन से फोर लेन करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस मार्ग का सर्वे कर चुका है। 150 फीट सड़क की चौड़ाई तय की गई है, जिसमें फोरलेन बनाया जाना है। इस सड़क को तीन फेज में बनाया जाएगा। अभी दो फेज के लिए करीब एक हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। जहां से प्रक्रिया अंतिम दौर में आ गई है।

जल्द ही इसकी निविदा जारी कर कार्य प्रारंभ होगा। पहले जबलपुर से कटंगी और जबेरा से दमोह के बीच सड़क का निर्माण होगा। इसके अलावा कटंगी से जबेरा तक का हिस्से में अभयारण्य की जमीन होने की वजह से इसका सर्वे किया जा रहा है। इसमें वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से भी स्वीकृति लेनी होगी।

बता दें कि सड़क की चौडाई को लेकर कुछ परेशानी आ रही थी जिस वजह से प्रस्ताव को दोबारा भेजा गया है। अभी दमोह से जबेरा के बीच 350 करोड़ रुपये की लागत से बनाने की प्रकिया होगी। यह पैकेज 43 किलोमीटर लंबा होगा। वहीं दूसरा पैकेज 24 किलोमीटर लंबी सड़क जबेरा से कटंगी के बीच बनेगी।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति