महिलाओं के लिए दिल्ली की मुफ्त बस सुविधा में बदलाव, नए साल में लागू हो सकता है नया सिस्टम

 दिल्ली

दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर का तरीका जल्द बदलने जा रहा है। नए साल के शुरुआती दिनों में ही नए सिस्टम को लागू किया जा सकता है। पिंक सहेली कार्ड को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है। मुफ्त बस सफर का फायदा लेने के लिए महिलाओं को स्मार्ट कार्ड बनवाना होगा। इसके साथ ही पेपर वाले पिंक टिकट की व्यवस्था खत्म हो जाएगी।

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अक्टूबर 2019 में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर की शुरुआत की थी। भाजपा सरकार ने मुफ्त सफर की सुविधा को जारी रखते हुए इसके तरीके में बदलाव की घोषणा की थी। सरकार का कहना है कि नए सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी। भाजपा पिंक टिकट सिस्टम में गड़बड़ी का आरोप लगाती रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट (DTC) ने स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए दो प्राइवेट वेडर्स को जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार शहरभर में इसके लिए काउंटर्स खोलेगी। दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड का इस्तेमाल करत हुए महिलाएं पिंक सहेली कार्ड के लिए अप्लाई कर सकेंगी।
कहां बनेंगे कार्ड, क्या शर्तें

रिपोर्ट के मुताबिक काउंटर डीएम, एसडीएम के दफ्तरों, बस डिपो और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर खोले जाएंगे ताकि लोग आसानी से वहां पहुंच सकें। अधिकारियों के मुताबिक सहेली कार्ड प्राप्त करने के लिए दिल्ली निवासी होना अनिवार्य है। कार्ड के लिए न्यूनतम उम्र 12 साल होनी चाहिए।

पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड
कैसे काम करेगा नया सिस्टम, कार्ड नहीं तो क्या होगा

सफर के दौरान महिलाओं को अपने स्मार्ट कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ETM) पर टच करना होगा। मौजूदा व्यवस्था में कंडक्टर महिलाओं को पिंक टिकट देते हैं। लेकिन नई व्यवस्था में वह सफर कर रही महिलाओं से कार्ड लेंगे और ईटीएम पर टच करके वापस कर देंगे। यदि किसी महिला के पास स्मार्ट कार्ड नहीं हुआ तो टिकट खरीदनी होगी।

बस पास भी होंगे स्मार्ट

पिंक सहेली कार्ड के अलावा दो अन्य श्रेणी के स्मार्ट कार्ड भी बनाए जाएंगे। वरिष्ठ नागरिक, विकलांग, खिलाड़ी, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता समेत 12 श्रेणियों के लोगों को पास भी स्मार्ट कार्ड में बदले जाएंगे। इसके अलावा आम लोग भी स्मार्ट कार्ड बनवाकर इसे रिचार्ज करा सकेंगे। यह मेट्रो कार्ड की तर्ज पर काम करेगा।

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