कट्टरपंथियों को तेमजेन की चेतावनी: ‘घटोत्कच-हिडिंबा का असली रूप अभी दिखना बाकी है’

ढाका 
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार और कट्टरपंथी नेताओं की ओर से भारत को तोड़ने की धमकियों के बीच नागालैंड में बीजेपी विधायक तेमजेन इमना अलोंग ने उन्हें करारा जवाब दिया है। इम्ना ने कहा कि जो पागल लोग चिकन नेक को काटने और पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने की बात करते हैं उन लोगों ने हमारे घटोत्कच और हिडिंबा को नहीं देखा है। गला-वला काटना हम अच्छी तरह जानते हैं।

आपको बता दें कि बांग्लेदेश में कट्टरपंथियों के हौसले बुलंद हैं और वे चिकन नेक का जिक्र करके पूर्वोत्तर को भारत से काटने का दंभ भर रहे हैं। इम्ना ने महाभारत काल के दो पात्रों का उदाहरण देकर उन्हें जवाब दिया है। दरअसल पांडवों के वनवास के दौरान हिडिंबा नाम की राक्षसी का विवाह भीम से हुआ था। भीम ने हिडिंबा के भाई हिडिंब का वध किया था। हिडिंबा बेहद ताकतवर और मायावी थी। वहीं हिडिंबा और भीम से एक पुत्र का जन्म हुआ जिसका नाम घटोत्कच था। घटोत्कच भीमकाय और बहुत बलिशाली था। महाभारत के युद्ध में कर्ण अमोघ वाण से घटोत्कच की मौत हुई थी। वहीं घटोत्कच ने अपनी जान देकर अर्जुन के प्राण बचा लिए थे।

इमना ने कहा, बांग्लादेश वाले जो कुछ भी कह रहे हैं, हम तो इतना निंदा नहीं करते हैं। हम चाहते हैं कि वे लोग पूर्वोत्तर में आकर तो देखें। हम जान गए हैं कि उनका इरादा क्या है। वे चिकन नेक की बात करते हैं लेकिन हम लोगों का कोई नेक नहीं है। ये केवल मीडिया केशब्द हैं। हम बहुत मजबूत कड़ी से भारत के साथ जुड़े हैं और हम भारतीय हैं। हम यह भी नहीं कहते कि सब बांग्लादेशी गलत हैं। कुछ पागल लोग हैं जो ऐसी बात करते हैं, उन लोगों ने हमारा घटोत्कच और हिडिंबा नहीं देखा है। अगर आ सकते हैं तो एक बार भारत आ जाएं। हम लोग उन्हें दिखाएंगे। अलोंग इमना ने कहा, वे लोग राजनीति में जो कुछ बोल रहे हैं उन्हें बोलना नहीं चाहिए। 1971 में भारत ने ही उनको आजाद किया और वे इतनी जल्दी भूल गए। और गले काटने का जो चक्कर है वे हमसे अच्छा नहीं जानते हैं। वे लोग अभी बहुत नए हैं।

किसे कहा जाता है भारत का चिकन नेक?
सिलिगुड़ी कॉरिडोर को चिकन नेक के नाम से जाना जाता है। यह पश्चिमी बंगाल के उत्तरी हिस्से में दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी शहर के पास एक संकरा कॉरिडोर है। एक जगह इसकी चौड़ाई 20 से 22 किलोमीटर है। इससे ही अरुणाचल, असम, मणिपुर, मेघालट, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपूरा औऱ सिक्किम भारत के बाकी हिस्सों से जुड़ता है। मैप में देखने पर यह मुर्गी के गले की तरह दिखता है इसलिए इसका नाम चिकन नेक पड़ गया। इस की सीमाएं नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से लगती हैं। इसके पास हीचीन की चुंबी घाटी भी है।

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