भारत-बांग्लादेश रिश्तों में संवेदनशील क्षण, खालिदा जिया के जनाजे में शामिल हुए जयशंकर

ढाका 
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख बेगम खालिदा जिया का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके जनाजे में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल होने के लिए राजधानी ढाका पहुंचे हैं। इस दौरान जयशंकर ने खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शोक संदेश पत्र सौंपा।

भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने जयशंकर और तारिक रहमान की मुलाकात की तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा- 'माननीय भारतीय विदेश मंत्री ने ढाका में, भारत सरकार और लोगों की ओर से संवेदनाएं व्यक्त कीं। बांग्लादेश पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर शोक मना रहा है। उन्होंने लोकतंत्र में उनके योगदान को स्वीकार किया और आगामी चुनाव (फरवरी 2026) के माध्यम से बांग्लादेश में लोकतांत्रिक बदलाव के बाद बांग्लादेश-भारत संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद जताई।' तस्वीरों में जयशंकर अपने बांग्लादेशी समकक्ष तौहीद हुसैन के साथ बातचीत करते हुए भी नजर आ रहे हैं।

खालिदा जिया का निधन 30 दिसंबर को लंबी बीमारी के बाद ढाका के एवरकेयर अस्पताल में हुआ था। वह 80 वर्ष की थीं। लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके निधन पर बांग्लादेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है और बीएनपी ने सात दिन का शोक घोषित किया है।

आज दोपहर जोहर की नमाज के बाद ढाका के मानिक मिया एवेन्यू और संसद परिसर के साउथ प्लाजा में नमाज-ए-जनाजा अदा की गई। जनाजे में लाखों लोग उमड़े, जिसमें बीएनपी समर्थक, आम नागरिक और विदेशी प्रतिनिधि शामिल थे। इसके बाद उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पति पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास जिया उद्यान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

भारत-बांग्लादेश संबंधों के बीच मौजूदा तनाव के बावजूद विदेश मंत्री जयशंकर का ढाका दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि जयशंकर भारत सरकार और जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने तारिक रहमान से मुलाकात कर पीएम मोदी का व्यक्तिगत शोक पत्र सौंपा। पीएम मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में खालिदा जिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया था और 2015 में ढाका में हुई उनकी मुलाकात को याद किया था। मोदी ने कहा था कि बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

जनाजे में पाकिस्तान की ओर से भी उच्चस्तरीय प्रतिनिधि शामिल हुए। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भी शोक संदेश जारी किया। खालिदा जिया बांग्लादेश की तीन बार प्रधानमंत्री रहीं और देश की राजनीति में दशकों तक प्रभावशाली रहीं। उनके बेटे तारिक रहमान हाल ही में 17 साल के निर्वासन के बाद लंदन से वापस लौटे हैं और अब बीएनपी की कमान संभाल रहे हैं।

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