रायपुर: धान खरीदी तिहार बना किसानों के लिए खुशहाली की वजह, पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा भरोसा

रायपुर : धान खरीदी तिहार किसानों के लिए खुशियों और राहत की सौगात

ऑनलाइन टोकन, पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध भुगतान से बढ़ा किसानों का भरोसा

रायपुर

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। शासन की इस किसान-हितैषी व्यवस्था ने खेतों में महीनों की मेहनत करने वाले अन्नदाताओं को आर्थिक संबल और आत्मविश्वास प्रदान किया है। मौसम की अनिश्चितताओं और कठिन परिश्रम के बीच तैयार की गई फसल का उचित मूल्य समय पर मिलने से किसानों के चेहरे पर संतोष और भरोसे की मुस्कान दिखाई दे रही है।

प्रदेश के सभी धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी की प्रक्रिया तेज, सुव्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है। ऑनलाइन एवं ऑफलाइन टोकन व्यवस्था, सरल प्रक्रिया और समयबद्ध भुगतान ने किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा और असुविधा से मुक्त किया है। डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।

इसी क्रम में धान उपार्जन केंद्र पेंड्री पहुंचे किसान नरेश रात्रे ने 30.80 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि बीज, खाद, सिंचाई और श्रम पर आने वाली लागत के बाद जब उपज का उचित मूल्य समय पर मिल जाता है, तो किसान का मनोबल कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि केंद्र में नमी परीक्षण, तौल और टोकन वितरण की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और व्यवस्थित है।

किसान रात्रे ने विशेष रूप से “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप की सराहना करते हुए कहा कि इस डिजिटल सुविधा ने भीड़, लंबी कतारों और अनावश्यक इंतजार की समस्या को समाप्त कर दिया है। घर बैठे ऑनलाइन टोकन बुक कर निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचने से धान की खरीदी सुगमता से हो जाती है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की यह व्यवस्था किसानों की मेहनत को सही सम्मान देने वाली है। धान उपार्जन केंद्रों पर छांव, पेयजल, शौचालय सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता से किसानों को सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण मिल रहा है।

प्रदेशभर में जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी केंद्रों की सतत निगरानी की जा रही है। बेहतर प्रबंधन, डिजिटल प्रणाली और प्रशासनिक सक्रियता के कारण राज्य में धान खरीदी कार्य पूर्ण पारदर्शिता, गति और सुगमता के साथ संपन्न हो रहा है, जिससे किसान वर्ग में संतोष और विश्वास का वातावरण निर्मित हुआ है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति