यूक्रेन ने रूस की तेल रिफायनरी पर हमला किया, आग की लपटें, पुतिन के खिलाफ ड्रोन से बड़ा वार

मॉस्को 

 दुनिया भर में नए साल का आगाज खुशियां मनाकर किया जा रहा है लेकिन रूस-यूक्रेन में साल 2026 की शुरुआत ड्रोन हमलों से हो रही है. यूक्रेन की सेना ने दावा किया है कि 31 दिसंबर की रात किए गए ड्रोन हमलों में रूस के कई तेल और हथियार ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है. यूक्रेनी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के मुताबिक, इन हमलों में रूस की प्रमुख तेल रिफाइनरियां, ऑयल टर्मिनल, सैन्य ठिकाने और गोला-बारूद डिपो निशाना बने.

रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र में स्थित इल्स्की ऑयल रिफाइनरी पर यूक्रेन के ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई. यह 2026 में आग की चपेट में आने वाली रूस की पहली ऑयल रिफाइनरी बताई जा रही है. हमले के बाद रिफाइनरी परिसर से आग और धुएं के बड़े गुबार उठते देखे गए. स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं ने आग पर काबू पाने के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है. यह घटना रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की रणनीति की ओर इशारा करती है, जिससे रूस की तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है.
रूसी ऑयल रिफाइनरी पर यूक्रेन का हमला

क्रास्नोडार क्षेत्र में स्थित रूस की कमजोर नस यानि तेल रिफायनरीज को नुकसान पहुंचाया गया है. तुआप्से ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद आग लग गई. यूक्रेनी सेना का दावा है कि रिफाइनरी की मुख्य प्रोसेसिंग यूनिट को नुकसान पहुंचा. यह रूस की 10 सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है और रूसी सेना के लिए ईंधन सप्लाई में अहम भूमिका निभाती है. यह रिफाइनरी पहले भी यूक्रेनी हमलों का निशाना बन चुकी है. यूक्रेन ने तमन प्रायद्वीप में स्थित तमननेफ्तेगाज ऑयल टर्मिनल पर भी हमला किया. यह टर्मिनल कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण व निर्यात के लिए अहम है. यूक्रेन की स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स ने कई ड्रोन के जरिए इस कार्रवाई को अंजाम दिया. हमले में टर्मिनल के दो बर्थ और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है.
रूसी ऑयल डिपो में आग

यूक्रेनी ड्रोन ने मॉस्को से करीब 260 किलोमीटर दूर रयबिन्स्क शहर में स्थित रोसरेज़रव के टेम्प ऑयल डिपो को भी निशाना बनाया. यह डिपो रूस के रणनीतिक तेल भंडार का हिस्सा है. हमले के बाद यहां भी बड़ी आग लगने की खबर है, यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाले क्रीमिया और डोनेत्स्क क्षेत्रों में भी हमले किए. क्रीमिया में रूसी नदी नौकाओं के एक अस्थायी सैन्य अड्डे को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि डोनेत्स्क में गोला-बारूद और लॉजिस्टिक्स डिपो नष्ट करने का दावा किया गया है. साल 2025 के दौरान यूक्रेन ने रूस के भीतर तेल और ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन हमले तेज किए हैं. इन हमलों को युद्ध को रूस के घर तक पहुंचाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. शांति वार्ताओं के बावजूद, दोनों देशों के बीच संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है.

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