अफ्रीकी देशों ने डोनाल्ड ट्रंप को दिया करारा जवाब, अमेरिकी नागरिकों की एंट्री पर प्रतिबंध

न्यूयॉर्क

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार आने के बाद इमिग्रेशन को लेकर काफी सख्ती बरती जा रही है। कथित तौर पर अवैध रूप से अमेरिका में रहने वाले लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है तो वहीं कई देशों के नागरिकों की एंट्री तक पर बैन लगा दिया गया है। हालांकि इस मामले में अमेरिका ही आगे नहीं हैं बल्कि अफ्रीका का कई देश हैं जिन्होंने अमेरिका नागरिकों के इमिग्रेशन को बैन कर दिया है। माली और बुर्किना फासो ने अमेरिकी नागरिकों के लिए पूरी तरह से वीजा बैन लगा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले इन देशों पर वीजा बैन लगाया था।

अमेरिका पर वीजा बैन लागने वाले इन दोनों ही देशों में सैन्य शासन है। पश्चिम अफ्रीका के इन दोनों देशों ने हाल ही में अमेरिका पर वीजा बैन लगाया है। इससे पहले अमेरिका ने कम से कम 39 देशों पर वीजा बैन लगाया था। इसमें अफ्रीका, एशिया, मध्य एशिया और लैटिन अमेरिका के देश शामिल थे। अमेरिका का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

माली के विदेश मंत्रालय ने कहा, अमेरिका पर जवाबी कदम उठाते हुए विदेश मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से अमेरिका के नागरिकों की एंट्री पर बैन लगा दी है। अमेरिका ने जिस तरह का कदम उठाया है ठीक वैसा ही कदम हमारी सरकार भी उठा रही है। बुर्किना फासो के विदेश णंत्री कारामोको जीन मारी ट्राओरे ने भी इसी तरह का बयान जारी कर अमेरिका पर वीजा बैन का ऐलान किया है।
अब तक किन देशों ने अमेरिका पर लगाया है वीजा बैन

16 दिसंबर को अमेरिका ने माली, बुर्कीना फासो, लाओस, नाइजर, सिएरा लियोन, दक्षिण सूडान और सीरिया पर पूरी तरह से वीजा बैन लगा दिया था। इसके अलावा फिलिस्तीनी प्रशासन द्वारा जारी कागजात के साथ अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। अमेरिका का कहना है कि इन देशों के नागरिकों की वजह से देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। वहीं ये देश अपने नागरिकों को वापस लेने को भी तैयार नहीं हो रहे हैं। ऐसे में इनपर कड़े प्रतिबंध लगाना आवश्यक है।

बता दें की माली, बुर्किना फासो और नाइजर में अल कायदा और आईएसआईएस का आतंक जारी है। ऐसे में इन देशों में हिंसा चरम पर है। ऐसे में बहुत सारे नागरिक देश से भागने की फिराक में रहते हैं। शुक्रवार को नाइजर ने अमेरिका नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा चाड ने भी चाड ने 6 जून से ही अमेरिकी नागरिकों को वीजा जारी करना बंद कर दिया था।

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