पाकिस्तानी टीम की कोचिंग छोड़ने पर जेसन गिलेस्पी का बड़ा बयान,

 नई दिल्ली

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने आखिरकार उस वजह का खुलासा कर दिया है, जिसके चलते उन्होंने दिसंबर 2024 में अचानक पाकिस्तानी टेस्ट टीम के हेड कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था. गिलेस्पी का कहना है कि उन्होंने टीम के खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के रवैये और अंदरूनी कामकाज के कारण पद छोड़ा.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Q&A सेशन के दौरान जेसन गिलेस्पी ने बताया कि पीसीबी के कुछ फैसले पेशेवर और निजी दोनों स्तर पर उनके लिए अपमानजनक थे. गिलेस्पी को अप्रैल 2024 में पाकिस्तान की टेस्ट टीम को संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जब टीम रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार संघर्ष कर रही थी. गिलेस्पी के अनुसार, हालात तब पूरी तरह बिगड़ गए जब पीसीबी ने सीनियर असिस्टेंट कोच टिम नीलसन को बिना किसी सूचना के बर्खास्त कर दिया.

जेसन गिलेस्पी ने लिखा, 'मैं पाकिस्तान की टेस्ट टीम का हेड कोच था और पीसीबी ने हमारे सीनियर असिस्टेंट कोच को बिना मुझे बताए निकाल दिया. हेड कोच होने के नाते यह मेरे लिए पूरी तरह अस्वीकार्य था. इसके अलावा भी कई ऐसे मुद्दे थे, जिनकी वजह से मैं खुद को अपमानित महसूस कर रहा था. '

'कमजोर' टीम को संवारने की मिली थी जिम्मेदारी
उन्होंने साफ कहा कि इस तरह के फैसलों के बाद पाकिस्तानी टीम के साथ काम करना असंभव था. जेसन गिलेस्पी को एक ऐसी पाकिस्तानी टीम मिली थी, जो आत्मविश्वास और निरंतरता की कमी से जूझ रही थी. उनके कार्यकाल की शुरुआत भी निराशाजनक रही, जब सितंबर में पाकिस्तान को बांग्लादेश के खिलाफ 2-0 से घरेलू टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. इस सीरीज में पाकिस्तान की बल्लेबाजी और टीम संतुलन की पुरानी कमजोरियां फिर सामने आईं.

हालांकि, इसके बाद पाकिस्तानी टीम ने जेसन गिलेस्पी की कोचिंग में जबरदस्त सुधार दिखाया. अक्टूबर 2024 में पाकिस्तान ने घरेलू मैदान पर इंग्लैंड को 2-1 से हराकर हालिया सालों की सबसे यादगार टेस्ट सीरीज जीत दर्ज की. तब पहला टेस्ट हारने के बाद पाकिस्तानी टीम ने पिचों और स्पिन गेंदबाजों का बेहतर इस्तेमाल किया और अगले दो मुकाबलों में इंग्लैंड पर पूरी तरह हावी रहा.

जेसन गिलेस्पी और पीसीबी के बीच विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ था. इस्तीफे के बाद उन्होंने आरोप लगाया था कि पीसीबी ने उन्हें पूरा भुगतान नहीं किया था. हालांकि, बोर्ड ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गिलेस्पी ने अपने कॉन्ट्रैक्ट में तय चार महीने का नोटिस पीरियड पूरा नहीं किया, जिससे वह शर्तों का उल्लंघन कर बैठे.

जेसन गिलेस्पी के इस खुलासे ने एक बार फिर पीसीबी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उनके बयान से साफ झलकता है कि बोर्ड के अंदर फैसले किस तरह लिए जाते हैं और कोचिंग स्टाफ को किस हद तक नजरअंदाज किया जाता है. गिलेस्पी के मुताबिक समस्या नतीजों की नहीं थी, बल्कि सम्मान और संवाद की कमी थी.

जेसन गिलेस्पी ने अपने लगभग एक दशक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर (1996-2006) में ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए कई मौकों पर यादगार प्रदर्शन किया. उन्होंने कुल 71 टेस्ट, 97 ओडीआई और 1 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने 402 विकेट लेने के अलावा 1531 रन बनाए.

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