ओडिशा के मयूरभंज में भीषण दुर्घटना, बस-मोटरसाइकिल भिड़ंत में 3 की जान गई

भुवनेश्वर
मयूरभंज जिले के रायरंगपुर टाउन थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा रानी बांध के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-220 पर हुआ, जहां एक बस और मोटरसाइकिल की आमने-सामने टक्कर हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘श्री दुर्गा’ नामक बस रायरंगपुर से जशीपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रही मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक एक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहे थे।

ओवरटेक के दौरान बाइक सवार ने नियंत्रण खो दिया और मोटरसाइकिल सीधे सामने से आ रही बस से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक उछलकर सड़क पर गिर पड़े। मोटरसाइकिल समेत तीनों बस के नीचे फंस गए और कुचल दिए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलने पर रायरंगपुर टाउन पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति