कवर्धा में 146 करोड़ की लागत से बनेगा भोरमदेव कॉरिडोर, काशी और उज्जैन की तर्ज पर होगा निर्माण

कबीरधाम
 केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश के नए पर्यटन का केन्द्र बनेगा। प्रदेश में लगातार विकास हो रहा है। डबल इंजन की सरकार में ये सब काम हो रहें है। वे भोरमदेव कॉरीडोर के भूमिपूजन के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देवसाय ने 146 करोड़ के भोरमदेव कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए भूमिपूजन किया।नए वर्ष के पहले दिन कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात मिली है। करीब 146 करोड़ रुपए के भोरमदेव कॉरिडोर प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया गया। भोरमदेव में आयोजित इस कार्यक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत उपस्थित थे।

इस मौके पर सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कबीरधाम जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर से मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ एवं सरोदा जलाशय तक एक सुव्यवस्थित एवं समग्र पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण होने से जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों को एक सशक्त पर्यटन श्रृंखला में जोड़ते हुए भोरमदेव को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर का विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने की बोड़ला–भोरमदेव सड़क उन्नयन की घोषणा

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के आग्रह पर बोड़ला से भोरमदेव तक सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक हजार वर्ष पुराने बाबा भोरमदेव मंदिर का विकास पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। सावन माह में यहां हजारों श्रद्धालु अमरकंटक से नर्मदा जल लाकर जलाभिषेक करते हैं, ऐसे में बेहतर सड़क और सुविधाएं श्रद्धालुओं की आस्था को और मजबूत करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन द्वारा हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजातियों, विशेषकर बैगा समुदाय के लिए पीएम जनमन योजना के माध्यम से पक्की सड़कें, आवास और बुनियादी सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की गई हैं, जिनमें डॉक्टर, नर्स और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं।
भोरमदेव कॉरिडोर से जुड़ेगा विकास, रोजगार और संस्कृति

भोरमदेव कॉरिडोर (Bhoramdev Tourism Corridor) के निर्माण से क्षेत्र में होटल, गाइड, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। परियोजना से धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल कबीरधाम जिला बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की पर्यटन अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।

कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 146 करोड़ रुपए की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण होगा। यह कॉरिडोर उज्जैन व बनारस की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिससे भोरमदेव मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन हुआ है। यह जिलेवासियों के लिए गर्व का विषय है, जो कबीरधाम को धार्मिक व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।

सीएम विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना व आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, डिप्टी सीएम अरुण साव, विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक भावना बोहरा उपस्थित थे।

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