मिथुन चक्रवर्ती का विवादित बयान, ममता सरकार पर साधा निशाना: ‘कश्मीरी पंडितों जैसा बंगाल में…’

कूच बिहार

भाजपा नेता और प्रसिद्ध अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपनी फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी से बाहर निकाला गया था, उसी तरह की स्थिति पश्चिम बंगाल में पैदा करने की कोशिश की जा रही है। मिथुन चक्रवर्ती ने  आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल को ‘पश्चिमी बांग्लादेश’ में बदलने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ये प्रयास कभी सफल नहीं होंगे।

मिथुन ने कूच बिहार जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बारे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणियों की आलोचना की और कहा कि यह कोई अलग देश नहीं है जैसा कि वह सोच रही होंगी। उन्होंने कहा- बांकुड़ा जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत के गृह मंत्री को धमकी दी और कहा कि उन्होंने ही उन्हें कोलकाता के उस होटल से बाहर आने दिया जहां वे ठहरे हुए थे। काश वे स्पष्ट रूप से कह देतीं कि गृह मंत्री को बंगाल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा… वह दिन विनाशकारी होगा।

उन्होंने आगे कहा- यह कोई अलग देश नहीं है जैसा कि वह सोच रही होंगी। मिथुन चक्रवर्ती ने 1990 के दशक में कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित अपनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि बंगाल में भी इसी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया- पश्चिम बंगाल को पश्चिम बांग्लादेश में बदलने के प्रयास किए जा रहे हैं। भाजपा नेता ने दावा किया कि गायिका लग्नाजिता चक्रवर्ती को देवी मां की प्रशंसा में एक गीत गाने के लिए परेशान किया गया है।

मिथुन चक्रवर्ती ने कहा- वे भले ही यह सोचते हों कि यह बांग्लादेश बन गया है, लेकिन वह दिन कभी नहीं आएगा। जब तक मिथुन चक्रवर्ती जैसे लोगों के शरीर में खून का एक भी कतरा बचा है, यह राज्य कभी बांग्लादेश नहीं बनेगा। हम संविधान में विश्वास रखते हैं, और इसीलिए हमने खुद को नियंत्रण में रखा है।

उन्होंने बांग्लादेश में हुई दीपू चंद्र दास की लिंचिंग की घटना का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। मिथुन ने कहा- बांग्लादेश में घटना हुई और पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हमला किया जा रहा है। दीपू दास घटना के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक हमला किया और 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हमें ऐसे घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन करने की भी इजाजत नहीं है।

यह बयान बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर बढ़ते हमलों के संदर्भ में आया है, जहां हाल ही में दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को आग लगा दिया गया। इस घटना के खिलाफ कोलकाता में प्रदर्शन हुए थे, जिनमें पुलिस कार्रवाई भी हुई।

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का एकमात्र तरीका यह है कि सभी लोग एक साथ आएं। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल के ‘विवेकशील’ समर्थकों से आगामी चुनावों में सरकार बदलने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया कि राज्य में कोई उद्यम, उद्योग, रोजगार या उचित स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया- भ्रष्टाचार के अलावा इस राज्य में और कुछ नहीं है।

भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना को लागू नहीं किया, क्योंकि शायद उसे लगता है कि इससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ेगी। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद हम सबसे पहले आयुष्मान भारत योजना शुरू करेंगे।

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