मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दावा: खनन क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधारों से मध्यप्रदेश बना देश में अग्रणी

खनन क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधारों से मध्यप्रदेश बना देश में अग्रणी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार ने खनन एवं खनिज क्षेत्र में जो व्यापक और दूरदर्शी सुधार किये हैं, उनका लाभ लेकर मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि खान एवं खनिज विकास (एमएमडीआर) संशोधन अधिनियम, 2025 और इससे जुड़े नियमों में किए गए बदलावों से खनिज अन्वेषण, नीलामी, निवेश और स्थानीय विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। उन्होंने कहा कि वर्ष-2025 में मध्यप्रदेश 32 खनिज ब्लॉकों की नीलामी करा कर देश में अव्वल रहा है।

केन्द्र सरकार के संशोधित कानून के तहत राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण न्यास का विस्तार कर राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास न्यास (एनएमईडीटी) बनाया गया है। इससे खनिज अन्वेषण एवं विकास के लिए संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे और मध्यप्रदेश जैसे खनिज-समृद्ध राज्य में वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार आधारित खनन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में किए गए ये सुधार मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर, औद्योगिक रूप से सशक्त और विकसित राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

खनिज नीलामी में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी

खनिज नीलामी में वर्ष 2025 में देशभर में नीलाम किए गए 141 खनिज ब्लॉकों में से 32खनिज ब्लॉकों की नीलामी मध्यप्रदेश में हुई, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की पारदर्शी नीतियों, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और निवेश-अनुकूल वातावरण का प्रमाण है। चूना पत्थर, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे प्रमुख खनिजों की नीलामी से सीमेंट, स्टील और संबद्ध उद्योगों को मजबूती मिली है।

जिला खनिज फाउंडेशन से खनन प्रभावित क्षेत्रों का कायाकल्प

देशभर में जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) के अंतर्गत अब तक 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की गई है। देश में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। इस निधि से प्रदेश के खनन प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक जनकल्याण कार्य किए जा रहे हैं। डीएमएफ निधि से प्रदेश के खनन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, स्कूलों और कौशल विकास केंद्रों की स्थापना, पेयजल एवं स्वच्छता, सड़क एवं अन्य आधारभूत संरचना तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े हजारों कार्य किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन से नए अवसर

राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (एनसीएमम) के माध्यम से महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इस मिशन से मध्यप्रदेश में अन्वेषण, खनन, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और अनुसंधान के क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह मिशन इलेक्ट्रिक वाहन, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

निवेश, रोजगार और सतत विकास को बढ़ावा

खनन नियमों के सरलीकरण, खनिज एक्सचेंज की व्यवस्था और नीलामी प्रक्रिया को तेज़ किए जाने से मध्यप्रदेश में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिला है। इससे राज्य के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो रहे हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण और सतत खनन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

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