टी.आई.ई समिट से मध्यप्रदेश और राजस्थान के युवाओं को मिलेंगे बेहतर रोजगार अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

टी.आई.ई समिट से मध्यप्रदेश और राजस्थान के युवाओं को मिलेंगे रोजगार के बेहतर अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जयपुर विमानतल पर मीडिया से की चर्चा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आईटी सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी सभी सेक्टर में विकास कार्यों को गति देते हुए भारत सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश और राजस्थान भाई-भाई हैं। दोनों राज्य अपनी साझा विरासत का संरक्षण करते हुए साझा विकास के लिए निरंतर प्रगतिशील हैं। तकनीक के इस समय में आईटी का विशेष महत्व है। इसके दृष्टिगत दोनों राज्यों में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, इस उद्देश्य से स्टार्ट-अप, इनोवेटर्स और उद्योगपतियों से संवाद के लिए जयपुर में टी.आई.ई. ग्लोबल समिट आयोजित की जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने पड़ौसी राज्य राजस्थान के साथ वर्षों पुराने विवाद को खत्म कर पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को जयपुर विमानतल पर मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए।

स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद

समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के प्राथमिकता प्राप्त प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी वैश्विक निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े हितधारकों के साथ साझा करेंगे। वे इनोवेशन एक्सपो का भ्रमण करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश पवेलियन का दौरा करेंगे और वहां मौजूद स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से सीधा संवाद भी करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों और दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

गौरतलब है कि टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्यप्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। यह सहभागिता 27 नवंबर 2025 को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) राजस्थान के साथ हुए समझौते के अनुरूप है।

समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश अपनी नवस्थापित और प्रगतिशील नीतिगत व्यवस्था का प्रभावी प्रदर्शन करेगा, जो राज्य को अगली सेपीढ़ी की तकनीक, डिजिटल इनोवेशन और उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में केंद्रित है। साथ ही यह पहल भारत के टियर-2 शहरों में प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

 

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