यासीन मछली का अस्पताल में भर्ती होने का मामला: जेल अधीक्षक बोले- गंभीर बीमारी नहीं, कोर्ट को किया गुमराह

​भोपाल
भोपाल की नसों में ड्रग्स का जहर घोलने वाला कुख्यात तस्कर यासीन मछली इन दिनों सलाखों के पीछे रहने के बजाय अस्पताल के बेड पर है। यूरिन इन्फेक्शन की शिकायत लेकर हमीदिया अस्पताल पहुंचे यासीन को लेकर अब जेल प्रबंधन ने बड़ा खुलासा किया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि आरोपी को कोई गंभीर बीमारी नहीं है और उसकी हालत पूरी तरह स्थिर है। मेडिकल रिपोर्ट आते ही उसे वापस जेल की काल कोठरी में शिफ्ट करने की अर्जी अदालत में लगाई जाएगी।

हालांकि, जेल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यासीन को कोई गंभीर बीमारी नहीं है। इस बात की लिखित जानकारी न्यायालय को दी जा चुकी है। मेडिकल बोर्ड से उसकी बीमारी की डिटेल रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन यह रिपोर्ट भी अब तक जेल प्रशासन को सौंपी नहीं गई है।

जेल सुप्रीटेंडेंट राकेश भांगरे के मुताबिक यासीन को जेल में रहते यूरिन में साधारण इंफेक्शन की शिकायत थी। जिसका जेल में ही उपचार करा दिया गया और उसे आराम भी मिला। हालांकि उसके परिजनों की ओर से न्यायालय में आवेदन देकर इलाज बाहर किसी अस्पताल में कराने की मांग गई। तब कोर्ट उसे उसकी बीमारी संबंधी जानकारी पत्राचार के माध्यम से मांगी गई। कोर्ट को उसकी बीमारी से जुड़ी पूरी जानकारी दी। जिसमें साफ किया गया कि यासीन को कोई गंभीर बीमारी नहीं है।

24 दिसंबर को एक बार फिर कोर्ट से लेटर प्राप्त हुआ, जिसमें आदेश दिया गया कि तत्काल यासीन को हमीदिया अस्पताल चेकअप के लिए भेजा जाए। उसे हमीदिया भेजते ही वहां भर्ती कर लिया गया। हमारी ओर से मेडिकल बोर्ड से पत्राचार के माध्यम से जानकारी मांगी चाही गई कि यासीन की गंभीर बीमारी से मेडिकल रिपोर्ट सहित अवगत कराया लेकिन आज तक मेडिकल बोर्ड से इसका जवाब नहीं मिला है।

रेव पार्टियां और ब्लैकमेलिंग का मास्टरमाइंड
यासीन का नेटवर्क शहर के रसूखदार मछली कारोबारी शारिक मछली से जुड़ा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि यासीन केवल ड्रग्स नहीं बेचता था, बल्कि वह फार्महाउसों और क्लबों में हाई-प्रोफाइल पार्टियां आयोजित कर युवतियों को नशे का आदी बनाता था। उस पर नशा देकर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के भी संगीन मामले दर्ज हैं।

​कोर्ट के आदेश पर मिला अस्पताल का सुख
क्राइम ब्रांच द्वारा जुलाई में एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किए गए यासीन ने अपनी बीमारी को ढाल बनाकर अदालत में गुहार लगाई थी। जेल अस्पताल से बाहर निकलकर बेहतर इलाज के नाम पर वह पिछले सात दिनों से हमीदिया अस्पताल में भर्ती है। हालांकि, जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने स्पष्ट किया कि मेडिकल बोर्ड की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद कोर्ट को लिखित में स्थिति साफ कर दी जाएगी कि उसे अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं है।

ऐसे कुख्यात यासीन तक पहुंची थी क्राइम ब्रांच दरअसल, 18 जुलाई को भोपाल पुलिस ने सैफुद्दीन और शाहरुख नाम के दो ड्रग पैडलर को पकड़ा था। वे शहर के विभिन्न क्लबों और पार्टियों में एमडी (मेथामफेटामिन) पाउडर की सप्लाई करते थे। उनसे हुई पूछताछ के बाद पता चला था कि आरोपी पार्टी, क्लब और जिम के माध्यम से युवाओं को फिटनेस और पार्टी कल्चर के नाम पर ड्रग्स का आदी बनाते थे।

लड़कियों को पहले मुफ्त में नशा करवा कर उनका शोषण किया जाता था ताकि वे क्लब पार्टियों का आकर्षण केंद्र बन सकें। इनसे 15 ग्राम एमडी पुलिस ने जब्त किया था।

18 जुलाई को गिरफ्तार इन आरोपियों ने पुलिस के सामने जब चाचा-भतीजे के कारनामों का खुलासा किया तो पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में प्लानिंग कर इन दोनों ड्रग पैडलर यासीन और शाहवर को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारी के दौरान यासीन ने भागने की कोशिश की और अपनी स्कॉर्पियो से दो कारों को टक्कर मारी। पुलिस ने इन्हें जेल में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया था। पुलिस को इनके पास जो गाड़ी मिली उस पर विधानसभा का पास और प्रेस भी लिखा हुआ था।

जेल में यासीन बंदी नंबर 2318 भोपाल के हाई प्रोफाइल ड्रग तस्कर डीजे यासीन अहमद उर्फ मछली को जेल में विचाराधीन बंदी नंबर 2318 के रूप में जाना जाता है। वह अपने बैरक में कम ही बंदियों से बातचीत करता है और गुमसुम रहता है।

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