काला धागा किस पैर में और किस दिन बांधने से मिलेगा खूब लाभ

ज्योतिष विज्ञान के अनुसार हम जो भी चीजें पहनते हैं, उसकी एनर्जी कहीं ना कहीं हमें जरूर प्रभावित करती है। ज्वेलरी से लेकर कपड़ों के रंग भी हम पर कहीं ना कहीं किसी ना किसी रूप में असर डालती हैं। आजकल कई लोग अपने पैरों या हाथ में काले रंग का धागा बांधते हैं। कुछ लोग इसे फैशन समझते हैं तो वहीं कुछ लोगों को लगता है कि बुरी नजर से बचने के लिए ऐसा किया जाता है। दरअसल इसका संबंध सिर्फ ज्योतिष शास्त्र से ही नहीं बल्कि विज्ञान से भी है। नीचे विस्तार से जानें कि वाकई में इसे क्यों पहना जाता है? साथ ही जानें इसे पहनने का सही तरीका और इसे किस पैर में बांधना सही होता है।

किस पैर में बांधे काला धागा?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लड़कियों को हमेशा अपने पैर में एक काला धागा जरूर बांधना चाहिए। मान्यता है कि अगर लड़की इसे अपने बाएं पैर में बांधती हैं तो इसका लाभ मिलता है। वहीं लड़कों को हमेशा दाएं पैर में ही इसे धारण करना चाहिए। साथ ही नियम के अनुसार इसे हमेशा 21 से 30 दिन के बीच में बदल लेना चाहिए। वहीं अगर ये खराब हो जाए या फिर टूटने की स्थिति में हो तो इसे बदल लेना चाहिए।

इस दिन बांधे काला धागा

वैसे तो अगर मन से पहना जाए तो काला धागा सच्चे भाव के साथ किसी भी दिन पहन सकते हैं लेकिन अगर नियम को माना जाए तो इसे शनिवार के दिन ही पहनना सबसे सही होता है। दरअसल काला धागे का सीधा-सीधा संबंध शनि देव से है। इसकी एनर्जी इतनी तेज है कि ये हर तरह की बुरी नजर से हमें बचा सकता है। साथ ही किसी भी तरह की बुरी एनर्जी हमारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती है। जो लोग इसे पैर में नहीं बांधना चाहते हैं, वो इसे बाजु में भी पहन सकते हैं। शनिवार के दिन घर में शनि के मंत्र का 108 बार जाप करते हुए इसे घर में भी पहना जा सकता है। चाबे तो आप शनि मंदिर जाकर वहां पर किसी पंडित से इसे मंत्र के साथ पहन सकते हैं।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं।)

admin

Related Posts

चाणक्य नीति के अनुसार: इन पारिवारिक बातों को बाहर बताया तो बिखर सकता है पूरा परिवार

कूटनीति और जीवन दर्शन के महानायक माने जाने वाले आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। चाणक्य नीति केवल राज्य चलाने का शास्त्र…

AI की रेस में चीन का Kling आगे? जानिए क्यों दुनियाभर में मचा रहा है तहलका

नई दिल्ली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से वीडियो बनाने का ट्रैंड इन दिनों काफी चल रहा है। क्रिएटर्स के लिए AI एक जरूरी टूल बन गया है। चीन की कंपनी Kuaishou…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति