एक साल में 10 लाख AI एक्सपर्ट! केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया मेगा प्लान

जयपुर
भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को आम नागरिक तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान से एक मेगा स्किलिंग अभियान की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य मात्र एक वर्ष में देश के 10 लाख युवाओं को एआई कौशल प्रदान करना है। यह कार्यक्रम न केवल युवाओं को रोजगार योग्य बनाएगा, बल्कि छोटे व्यवसायों में उत्पादकता बढ़ाने और दैनिक जीवन में एआई के उपयोग को बढ़ावा देगा। मंत्री ने कहा कि तेजी से हो रहे 5G रोलआउट की तरह ही सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रतिभा विकास और एआई कौशल विकास का काम भी उतनी ही तेजी से होगा।
 
मंत्री ने एआई की तुलना बिजली से की
राजस्थान क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मंत्री वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोजमर्रा की जिंदगी का एक अभिन्न अंग बन गई है, ठीक उसी तरह जैसे कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर, इंटरनेट और मोबाइल फोन द्वारा संचालित पिछली तकनीकी क्रांतियां थीं। उन्होंने कहा कि एआई एक समान पैमाने के परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है, और इसकी भविष्य की भूमिका की तुलना बिजली से की, जिसने एक समय में हर घर और व्यक्ति तक पहुंचकर समाजों को नया रूप दिया था।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्वव्यापी होने वाली है और हर व्यक्ति, घर और इमारत तक पहुंचेगी। इसके संभावित लाभों पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि इस तकनीकी बदलाव को अपनाना चाहिए और इसे दैनिक जीवन में एकीकृत करना चाहिए। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए मंत्री वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री का एक स्पष्ट और सुस्पष्ट दृष्टिकोण है, जो समाज के व्यापक हित के लिए एआई के उपयोग पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण का पहला मार्गदर्शक सिद्धांत एआई का लोकतंत्रीकरण है, यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक नागरिक को प्रौद्योगिकी तक पहुंच और इसके उपयोग का समान अवसर प्राप्त हो।

भारत के एआई मिशन को मिल चुकी है वैश्विक मान्यता
मंत्री ने कहा कि भारत के एआई मिशन को वैश्विक मान्यता मिल चुकी है और कई देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लोकतंत्रीकरण के भारत के मॉडल का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मिशन का एक प्रमुख स्तंभ किफायती कंप्यूटिंग अवसंरचना उपलब्ध कराना है। जीपीयू की उच्च लागत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि हर किसी के लिए इतने महंगे संसाधनों का मालिक होना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि कई पश्चिमी देशों में, बड़ी-बड़ी कंपनियां 3.50 से 4 अमेरिकी डॉलर प्रति घंटे की दर से सेवाएं प्रदान करके एआई कंप्यूटिंग पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में उच्च गुणवत्ता वाली कंप्यूटिंग सुविधाओं को बहुत कम लागत पर उपलब्ध कराने का विचार प्रस्तुत किया है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र, स्टार्टअप, युवा, वैज्ञानिक और इंजीनियर वित्तीय बाधाओं के बिना विश्व स्तरीय कंप्यूटिंग संसाधनों का उपयोग कर सकें।

मंत्री वैष्णव ने कहा कि एआई मिशन के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लोकतंत्रीकरण को समर्थन देने के लिए 38000 जीपीयू पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं। उन्होंने इस पहल को 'कॉमन कंप्यूट' की परिकल्पना बताया। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के नवीनतम एआई इंडेक्स का भी हवाला दिया, जिसमें भारत को चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता में शीर्ष तीन देशों में स्थान दिया गया है। मंत्री वैष्णव के अनुसार, यह इंडेक्स एआई के विकास, तैनाती और अनुसंधान में हुई प्रगति का मूल्यांकन करता है।

 

admin

Related Posts

अमृत मंथन–2026 : अमृत 2.0 परियोजनाओं की प्रगति को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला हुई

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा अमृत 2.0 मिशन अंतर्गत प्रदेश के नगरीय निकायों में संचालित जलप्रदाय एवं सीवरेज परियोजनाओं को गति प्रदान करने के उद्देश्य से “अमृत मंथन–2026”…

वंदे मातरम् गीत और बिरसा मुण्डा के संघर्ष ने स्वतंत्रता आंदोलन को दिया जनाधार : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल राष्ट्रीय चेतना के दो स्वर विषय पर आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा का जमीनी, जन-आधारित संघर्ष और ‘वंदे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी

गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी

वसंत पंचमी 2026: करियर को मिले रॉकेट जैसी रफ्तार, अपनाएं ये 5 खास उपाय

वसंत पंचमी 2026: करियर को मिले रॉकेट जैसी रफ्तार, अपनाएं ये 5 खास उपाय

आज का दिन कैसा रहेगा? 19 जनवरी का संपूर्ण राशिफल

आज का दिन कैसा रहेगा? 19 जनवरी का संपूर्ण राशिफल