कांग्रेस ने तोड़ी चुप्पी: भाजपा से गठबंधन पर स्थिति साफ, शिंदे गुट को घेरने की तैयारी

नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी के साथ चुनाव लड़ने के दावों का कांग्रेस ने खंडन किया है। खबरें थीं कि महाराष्ट्र के स्थानीय चुनाव में दोनों दल गठबंधन कर चुनाव लड़ रहे हैं। साथ ही इसके जरिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को साइडलाइन कर दिया है। इसपर शिवसेना ने कड़ी आपत्ति जताई थी। वहीं, भाजपा ने आरोप लगाए कि शिवसेना नेतृत्व ने कभी गठबंधन की बात पर जवाब नहीं दिया।

कांग्रेस नेता सचिव सावंत ने एक्स पर बताया है कि भाजपा और कांग्रेस ने गठबंधन नहीं किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना के भ्रष्टाचार के खिलाफ कई दल एकजुट हुए हैं। कहा जा रहा था कि भाजपा और कांग्रेस ने अंबरनाथ नगर परिषद के लिए हाथ मिला लिया है। उन्होंने लिखा, 'अंबरनाथ में पार्टी से संबद्धता और चिह्नों को दरकिनार करते हुए अलग-अलग पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अंबरनाथ डेवलपमेंट फ्रंट बनाया है। स्थानीय स्तर पर शिंदे सेना के भ्रष्टाचार के खिलाफ साथ आए हैं। इसमें निर्दलीय भी शामिल हैं। कांग्रेस और भाजपा के साथ आने की खबरें गलत हैं। इस बात का ध्यान रखें।'

शिवसेना भड़की
रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसेना इस गठबंधन से खासी नाराज नजर आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, शिंदे सेना के विधायक बालाजी किनिकर ने कहा, 'जो पार्टी कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती है, अब वह कांग्रेस के साथ शासन करेगी। यह कुछ नहीं, बल्कि शिवसेना की पीठ में छुरा मारने जैसा है।' भाजपा नेता गुलाबराव करनजुले पाटिल ने कहा कि शिवसेना के साथ गठबंधन अपवित्र होता। उन्होंने शिवसेना पर बीते 25 सालों से भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए हैं। पाटिल का दावा है कि भाजपा ने अमंबरनाथ में शिवसेना से गठबंधन के कई प्रयास किए, लेकिन उसके नेतृत्व की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिला।

 

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