डेंटल कॉलेज मेस में मिली गंदगी, चावल में इल्ली, मरे हुए मेंढक और एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट का इस्तेमाल

राजनांदगाव.

छत्तीसगढ़ के राजनांदगाव शहर के सुंदरा गांव स्थित छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब छात्रों के भोजन में मरा हुआ मेंढक मिलने की शिकायत सामने आई. इस गंभीर लापरवाही ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले की सूचना मिलते ही खाद्य विभाग की टीम ने कॉलेज परिसर स्थित हॉस्टल की मेस का निरीक्षण किया. जांच के दौरान रसोई और भंडार कक्ष में गंदगी का अम्बार मिला.

टीम को मौके से कई खाद्य पैकेट एक्सपायरी डेट के भी मिले, जिन्हें छात्रों को परोसे जाने की आशंका जताई जा रही है. निरीक्षण के समय कार्य प्रबंधन की अनुसूची अनुपस्थिति भी सामने आई, जिससे नाराजगी और बढ़ गई. टीम के अधिकारियों ने कहा कि इसकी लापरवाही बच्चों की सेहत और जीवन से सीधा खिलवाड़ है.

खाद्य विभाग की टीम ने की जांच

शिकायत मिलते ही खाद्य विभाग की टीम कॉलेज परिसर पहुंची और मेस का निरीक्षण किया. जांच के दौरान रसोई और भंडार कक्ष में गंदगी का आलम देखने को मिला. टीम ने मौके पर पनीर, दाल और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए. इसके साथ ही कॉलेज प्रशासन को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है.
मिली अनियमितताएं और एक्सपायरी सामान

जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं. टीम को एक पैकेट एक्सपायरी सूजी मिला, जिसे लापरवाही माना गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन खामियों को नोटिस में दर्ज किया जाएगा और सुधार के लिए निर्देश दिए जाएंगे. फिलहाल, कॉलेज प्रबंधन भी यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई?
छात्रों में आक्रोश, प्रबंधन पर सवाल

खाने में मेंढक मिलने की घटना के बाद छात्रों में नाराजगी है. वे कॉलेज प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं. छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है. कई छात्रों ने मेस की सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठाए थे.

कारण बताओ नोटिस जारी

छात्रों की शिकायत के बाद फूड एवं सेफ्टी विभाग ने मेस का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान मेस में कई एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी पाई गई।

विभाग ने स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां पाए जाने पर मेस का संचालन करने वाली संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई छात्रों के स्वास्थ्य के साथ संभावित खिलवाड़ को देखते हुए की गई है।

डीन बोले- शिकायत की जांच होगी

छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज के डीन डॉक्टर एसके नंदा ने बताया कि मेस में परोसे गए भोजन में मृत मेंढक मिलने की शिकायत की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्था को समय-समय पर साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखने की हिदायत दी जाती है। हालांकि, उन्होंने एक्सपायरी खाद्य पदार्थ मिलने की जानकारी से इनकार किया।

अन्य राज्यों के स्टूडेंट भी पढ़ने आते हैं

कॉलेज में अलग-अलग राज्यों से आए विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं, जो खाने के लिए पूरी तरह मेस पर निर्भर रहते हैं। ये मामला सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य से खिलवाड़ को लेकर सवाल उठ रहे है।

छात्रों ने कहा है कि दूषित भोजन और उसमें मृत जीव मिलने से फूड पॉइजनिंग और बैक्टीरियल इन्फेक्शन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

कमियों को लेकर नोटिस जारी

इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी तरुण बिरला ने बताया की डेंटल कॉलेज के भोजन में मेंढक पाए जाने की शिकायत पर जांच टीम पहुंची थी वहां से खाद्य पदार्थों का सैंपल लिया गया है कुछ कमियों को लेकर नोटिस भी जारी किया गया है। एक्सपायरी खाद्य पदार्थ जब्त नहीं की गई है।

अधिकारियों का बयान: सख्त कार्रवाई होगी

खाद्य विभाग के अधिकारी तरुण बिरला ने बताया कि छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज की मेस में मेंढक मिलने का मामला सामने आया है. हमारी टीम ने मौके पर जाकर जांच की. कुछ अनियमितताएं मिली हैं, जिन पर नोटिस जारी किया गया है. हम सख्ती से कार्रवाई करेंगे ताकि भविष्य में ऐसे मामले दोबारा न हों.
फिलहाल जांच जारी

कॉलेज प्रबंधन ने भी जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाया जा रहा है कि मेस में सफाई और गुणवत्ता नियंत्रण में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सुधार नहीं हुआ तो आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

कॉलेज प्रशासन को भेजा नोटिस
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी तरुण बिरला ने कहा कि हमारे संज्ञान में कल मामला आया था कि छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज की मेस में छात्रों को जो खाना परोसा जाता है, उसमें मेंढक निकला था. यूथ फाउंडेशन ऑफ इंडिया नाम की संस्था मेस चलाती है. हमारी टीम ने फौरन वहां जाकर जांच की है और वहां मेस का पूरा निरीक्षण किया गया और खाने के सैंपल लिए गए हैं. वहां कुछ अनियमितताएं मिली हैं, उसको लेकर नोटिस जारी किया जा रहा है. एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी मिली है, उसका जिक्र भी नोटिस में किया गया है. उन्होंने कहा कि खाने में मेंढक कैसे आया, इसकी जांच कॉलेज प्रबंधन को करनी चाहिए. जब उनसे पूछा गया कि इससे पहले भी मेस में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.

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