हाइवा से टकराने से कार सवार युवक-युवती की मौत

बिलासपुर.

जिले में फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है. सड़क हादसे में कार सवार युवक-युवती की मौत हो गई. तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क के दूसरी ओर चली गई, जिसके बाद हाइवा से जा भिड़ी. हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. बताया जा रहा है कि कार में चार दोस्त शराब पार्टी के बाद घूमने के लिए निकले हुए थे.

घटना गुरुवार की दरमियानी रात की है. अब इससे जुड़ा हुआ लाइव सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. वहीं मृतकों की पहचान हो गई है. जानकारी के मुताबिक, घटना सरकंडा थाना इलाके के नूतन चौक की है. जांजगीर के रहने वाले 4 दोस्त टाटा नेक्सॉन में सवार थे. बताया जा रहा है कि वह शराब पार्टी के बाद घूमने के लिए निकले थे. नूतन चौक के पास चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया. तेज रफ्तार में ब्रेक लगने पर कार का पिछला चक्का फिसल गया. कार मुड़कर सड़क की दूसरी ओर चली गई और मुरुम लोड हाइवा से टक्कर गई. हादसे में युवती समेत 2 लोगों की मौत हुई है. मृतकों की पहचान हिमांशु राठौर और अंशु चंद्रा के रूप में हुई है.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति