फूलगोभी खरीदते समय न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह मानकर ब्लोटिंग से पाएं राहत

फूलगोभी का स्वाद काफी सारे लोगों को पसंद आता है। अब जब ठंड में सब्जी की मार्केट में ढेर सारी गोभियां मिलती है तो इसके पराठे, सब्जी से लेकर पकौड़ी और अचार तक बनाकर खाना लोग पसंद करते हैं। लेकिन एक बार फूलगोभी खा ली तो काफी सारे लोग ब्लोटिंग और डाइजेशन इशू से जूझने लगते हैं।

जिससे बचने के लिए या तो फूलगोभी को खाते ही नहीं या फिर ब्लोटिंग दूर करने की दवा लेना शुरू कर देते हैं। दोनों ही सिचुएशन से बचना है तो न्यूट्रिशनिस्ट की छोटी सी सलाह को मान लें। जब भी मार्केट फूलगोभी खरीदने जाएं तो बस इस छोटे से अंतर को ध्यान में रखकर ही गोभी खरीदें। इससे आप ब्लोटिंग और इनडाइजेशन से बच जाएंगे।

न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया फूलगोभी खरीदने का तरीका

न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने फूलगोभी खरीदने के लिए छोटी सी टिप्स को शेयर किया है। जिसे अपनाकर आप फ्रेश गोभी खरीद पाएंगे।

फ्रेश फूलगोभी पहचानने का तरीका

  1. फूलगोभी ताजी है या बासी पहचानने का तरीका बिल्कुल आसान है।
  2. ताजी फूलगोभी बिल्कुल सफेद, सॉफ्ट टाइट होगी।
  3. वहीं बासी फूलगोभी का रंग हल्का सा पीला पड़ चुका होता है और इसके फूल कई बार बिखरे हुए से दिखते हैं। वहीं फूलगोभी बिल्कुल टाइट नहीं लगती है।

पीली फूलगोभी ना खरीदें

मार्केट में फूलगोभी लेने जाएं तो कई बार दो तरह की फूलगोभी रखी दिख जाती है। एक बिल्कुल सफेद नजर आती है और दूसरी थोड़ी सी पीली या हल्के क्रीम कलर की दिखती है। अब गोभी खरीदते समय ज्यादातर लोग ताजा या बासी का अंदाजा कीड़ों से लगाते हैं।

  1. लेकिन फूलगोभी ताजी या बासी इसका पता गोभी के कलर से चलता है।
  2. अगर पीले रंग की गोभी होगी तो इसका मतलब है कि वो बासी है।
  3. इसमे मॉइश्चर और जरूरी न्यूट्रिएंट्स की कमी होगी।
  4. हल्के पीले रंग की दिखने वाली गोभी ज्यादा लंबे टाइम से स्टोर की हुई होती है।
  5. इन फूलगोभियों में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेट्स पहले ही टूट चुके होते हैं। जिसकी वजह से इनके अंदर ऐसे न्यूट्रिएंट्स की मात्रा बहुत कम रह जाती है।
  6. अब फूलगोभी में जितना ज्यादा न्यूट्रिशन की कमी होगी वो उतना ज्यादा पाचन पर स्ट्रेस बढ़ाएगी।
  7. हल्के पीले रंग की फूलगोभी खाने पर ही ज्यादातर अपच, ब्लोटिंग और पेट में दर्द की शिकायत होने लगती है।

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