मोदी सरकार का तोहफा: पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सहायता में 100% इजाफा

नई दिल्ली

 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा घोषित पूर्व सैनिकों (ESM) और उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सहायता में 100% की बढ़ोतरी अब लागू कर दी गई है. ये जानकारी रक्षा मंत्रालय (MoD) ने शनिवार यानी 10 जनवरी को दी है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बढ़ी हुई सहायता केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा लागू की गई योजनाओं के तहत दी गई है. मंत्रालय ने कहा कि ये फैसला दिग्गजों की सर्विस और बलिदान का सम्मान करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में रक्षा मंत्रालय (MoD) ने कहा, 'रक्षा मंत्रालय ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सहायता में 100% की बढ़ोतरी को पूरी तरह लागू कर दिया है. इस निर्णय के तहत केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से विवाह अनुदान 1 लाख रुपये और शिक्षा अनुदान 2,000 रुपये प्रति माह हो गया है. ये सरकार की पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.'

कब मिली थी मंजूरी?

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों (ESM) के लिए वित्तीय सहायता में 100% बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी.

किन ग्रांट्स में बढ़ोतरी की गई है?

मंत्रालय के मुताबिक, गरीबी भत्ता को हर लाभार्थी के लिए ₹4,000 से बढ़ाकर ₹8,000 प्रति माह कर दिया गया है. ये 65 साल से अधिक उम्र के बुज़ुर्ग और नॉन-पेंशनर ESM और उनकी विधवाओं को जिंदगी भर लगातार सहायता देगा, जिनकी कोई रेगुलर इनकम नहीं है. एजुकेशन ग्रांट को प्रति व्यक्ति ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,000 प्रति माह कर दिया गया है. ये दो आश्रित बच्चों (कक्षा I से ग्रेजुएशन तक) या दो साल का पोस्टग्रेजुएट कोर्स करने वाली विधवाओं के लिए है. शादी ग्रांट को प्रति लाभार्थी ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दिया गया है. ये ESM की दो बेटियों तक और विधवा के दोबारा शादी करने पर लागू होगा. वो भी उन शादियों के लिए जो इस आदेश के जारी होने के बाद हुई हैं.

बलिदान का सम्मान, सरकार की प्रतिबद्धता

इन योजनाओं को रक्षा मंत्री पूर्व सैनिक कल्याण कोष से फाइनेंस किया जाता है, ये सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष (AFFDF) का एक हिस्सा है. MoD के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए बताया कि इस फैसले से कम इनकम वाले ग्रुप के नॉन-पेंशनर पूर्व सैनिकों, विधवाओं और आश्रितों के लिए सोशल सिक्योरिटी सेफ्टी नेट बेहतर होगा. जिससे दिग्गजों की सेवा और बलिदान का सम्मान करने की सरकार की प्रतिबद्धता फिर से पक्की होती है. 

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