बीकानेर में बोर्ड एग्जाम से पहले 4394 लेक्चरर के तबादले, शिक्षा विभाग ने दो चरणों में की ट्रांसफर लिस्ट जारी

बीकानेर 

राजस्थान में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू होने में एक माह का समय बचा है, लेकिन उस से पहले ही शिक्षा विभाग ने तबादलों की झड़ी लगा दी है। शनिवार के दिन 4,394 लेक्चररों के ट्रांसफर कर दिए गए। करीब सुबह 7:30 बजे 1,644 हिन्दी लेक्चररों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई। इसके कुछ ही समय बाद अन्य विषयों के 2,750 लेक्चररों की ट्रांसफर लिस्ट जारी कर दी गई।

अभी और ट्रांसफर लिस्ट आने की संभावना

विभागीय सूत्रों के मुताबिक अभी अन्य ट्रांसफर लिस्ट भी जारी की जा सकती हैं। इनमें बड़ी संख्या में लेक्चररों की अदला-बदली की जा सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले स्कूलों के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती हैं। 

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की 10वीं और 12वीं कक्षायों की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस बार ये परीक्षाएं मार्च के बजाय फ़रवरी में करवाई जा रही हैं, लेकिन पाठ्यक्रम में कोई कटौती नहीं की गई है। ऐसे में छात्र पहले से ही समय की कमी से जूझ रहे थे। इस पर ये तबादलें छात्रओ की पढ़ाई पर  असर डाल सकते हैं।

सर्दी में भी छुट्टी नहीं

सर्दी के मौसम में भी दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की छुट्टी नहीं की गई है। इसके बावजूद कई स्कूलों में उपस्थिति कम बनी हुई है। ऐसे समय में  लेक्चररों के तबादले होने से छात्रों की बोर्ड परीक्षा तैयारी पर सीधा असर पड़ेगा। 

    इन जिलों में ज्यादा तबादले

    जारी आदेश के अनुसार सबसे अधिक तबादले जयपुर जिले में किए गए हैं, जहां 25 से अधिक वाइस प्रिंसिपल और समकक्ष अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है। बीकानेर जिले से 10 से ज्यादा, चूरू से 8 से अधिक और नागौर से करीब 12 तबादले हुए हैं। इसी तरह अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, उदयपुर, टोंक, सीकर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर, बूंदी और भरतपुर जैसे जिलों में भी 4 से 8 के बीच तबादले किए गए हैं। कई जिलों में यह तबादले एक ही जिले के भीतर, तो कई में एक जिले से दूसरे जिले में किए गए हैं।

प्रिंसिपलों के भी हुए थे तबादले

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने बोर्ड परीक्षाओं से ठीक पहले 400 से अधिक प्रिंसिपलों के तबादले किए थे। ये तबादले एक साथ नहीं, बल्कि चार अलग-अलग ट्रांसफर लिस्ट जारी कर किए गए थे, जिससे कई स्कूलों में लगातार प्रशासनिक अस्थिरता बनी रही।

परीक्षा ड्यूटी पर असर

बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर लेक्चररों की ड्यूटी लगाई जाती है। बड़ी संख्या में तबादलों के चलते परीक्षा ड्यूटी का समुचित प्रबंधन करना विभाग के लिए एक चुनौती बन सकता है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से स्कूलों में असमंजस की स्थिति बनी हुई हैं। 

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