ओवैसी बोले-हिजाब वाली को अपना पार्टी अध्यक्ष बनाओ

मुंबई.

10 जनवरी को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कुछ ऐसा बोल दिया जिसने राजनीतिक गलियारों में तूफान मचा दिया। ओवैसी ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री बन सकता है, चाहे वह हिजाब पहनने वाली महिला हो।

उन्होंने भारत और पाकिस्तान के संविधान की तुलना की और कहा कि पाकिस्तान में केवल एक खास धर्म के व्यक्ति ही शीर्ष पदों पर पहुंच सकते हैं, जबकि भारत का संविधान सभी को समान अवसर देता है। इस पर भाजपा ने तीखा पलटवार करते हुए ओवैसी से कहा कि व पहले अपनी पार्टी की अध्यक्ष को हिजाब पहनने वाली महिला को बनाएं।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले महाराष्ट्र के सोलापुर में शुक्रवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "पाकिस्तान के संविधान के अनुसार, वहां केवल एक धर्म का व्यक्ति ही प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकता है, लेकिन डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा लिखित भारतीय संविधान में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोई भी नागरिक महापौर, राज्य का मुख्यमंत्री, या यहां तक कि देश का प्रधानमंत्री भी बन सकता है। उन्होंने कहा, "इंशाअल्लाह, वह दिन आएगा जब न तो मैं और न ही वर्तमान पीढ़ी जीवित रहेगी लेकिन हिजाब पहनने वाली एक बेटी भारत की प्रधानमंत्री जरूर बनेगी।" ओवैसी ने सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि वह दिन जरूर आएगा… मुसलमानों के खिलाफ जो नफरत फैलायी जा रही है, वह ज्यादा दिन नहीं टिकेगी।"

BJP का तीखा पलटवार

ओवैसी के बयान पर भाजपा ने तुरंत करारा जवाब दिया। विभिन्न नेताओं ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और विभाजनकारी बताया। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा- संविधान के अनुसार कोई रोक नहीं है, कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है। लेकिन भारत एक हिंदू राष्ट्र और हिंदू सभ्यता वाला देश है। हमें पूरा भरोसा है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू ही रहेगा।

BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ओवैसी को खुली चुनौती देते हुए कहा- संविधान किसी को नहीं रोकता, लेकिन ओवैसी मियां, पहले आप अपनी पार्टी AIMIM का अध्यक्ष किसी पसमांदा मुस्लिम या हिजाब/बुर्का पहनने वाली महिला को बनाकर दिखाएं। बड़े सपने देखने से पहले अपनी पार्टी में समावेशिता दिखाइए।

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने भी तीखा हमला बोला- यह हिंदू राष्ट्र है, जहां 90% आबादी हिंदू है। हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं प्रधानमंत्री या मुंबई की मेयर नहीं बनेंगी। ऐसे लोगों के लिए यहां कोई जगह नहीं है। अगर इतना ही शौक है तो इस्लामिक देशों (जैसे इस्लामाबाद या कराची) में जाकर सपने पूरे करें।

यह पूरा विवाद महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के बीच उठा है, जहां BJP और सहयोगी दलों ने मुंबई महापौर को हिंदू-मराठी बनाने पर जोर दिया है। ओवैसी ने इसे चुनावी राजनीति करार दिया और अल्पसंख्यकों व युवाओं से लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी की अपील की। भाजपा के सांसद अनिल बोंदे ने ओवैसी के बयान को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि हैदराबाद के सांसद आधा सच पेश कर रहे हैं। बोंदे ने दावा किया कि मुस्लिम महिलाएं हिजाब नहीं पहनना चाहतीं। बोंदे ने ईरान में महिलाओं द्वारा हिजाब के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए दावा किया कि मुस्लिम महिलाएं हिजाब नहीं चाहतीं क्योंकि कोई भी गुलामी पसंद नहीं करता।

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