देशभर में टेरर का नेटवर्क: 6 गैंग का मास्टरमाइंड असली रहमान डकैत सूरत में दबोचा गया

सूरत
रहमान डकैत की दी हुई मौत बड़ी कसाईनुमा होती है… इस एक डायलॉग ने फिल्म धुरंधर में निभाए एक किरदार ने अक्षय खन्ना को सदा के लिए लोगों का दीवाना बना दिया है। लोगों को फिल्म से ही मालूम चला कि पाकिस्तान के लियारी में खौफ का दूसरा नाम रहे रहमान की कितनी दहशत थी,लेकिन हम आपसे कहें कि भारत में भी एक रहमान डकैत है, तो शायद आप चौंक जाएं। गुजरात के सूरत में पुलिस को कई राज्यों तक फैले नेटवर्क और गैंग चलाकर खतरनाक वारदात को अंजाम देने वाले रहमान डकैत को गिरफ्तार किया है। रहमान डकैत का नाम असल में राजू ईरानी ऊर्फ आबिद अली उर्फ रहमान डकैत है।

एमपी का ये खतरनाक अपराधी
सूरत क्राइम ब्रांच ने बकायदा भारत के असल अपराधी रहमान डकैत की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि सूरत सिटी क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय इरानी गैंग के सरदार आबिद अली उर्फ राजू उर्फ रहमान डकैत को सूरत में किसी वारदात को अंजाम देने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। वह कई राज्यों में अपराध करने के लिए जाना जाता है। यह एक 'इरानी गैंग' है जो अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय है, यानी यह गैंग एक से अधिक राज्यों में अपराध करता है।

बता दें कि राजू ईरानी उर्फ रहमान डकैत असल में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का रहने वाला है। सूरत क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोजिया ने मीडिया से बातचीत में बताया कि रहमान डकैत सूरत में किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से आया था, हमें जैसे ही सूचना मिली हमने उसे पकड़ लिया।

कई चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस की पूछताछ में इस खतरनाक अपराधी के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी राजू ईरानी भोपाल के ‘ईरानी डेरा’ इलाके से अपना पूरा नेटवर्क चलाता है। वह अपने भाई जाकिर अली के साथ मिलकर इस पूरे गिरोह को संभालता है। इनके नीचे 6 से ज्यादा अलग-अलग गैंग काम कर रहे हैं, जो देश के 14 राज्यों में सक्रिय हैं। राजू ईरानी फिलहाल 6 से अधिक राज्यों की पुलिस की तलाश में है और उसके खिलाफ 10 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।

राजू उर्फ रहमान डकैत खुद अपराध करने कम जाता था। वह एक मैनेजर की तरह यह तय करता था कि कौन सी गैंग किस राज्य में जाएगी और क्या काम करेगी। यह गिरोह ज्यादातर सीनियर सिटीजन (बुजुर्गों) को अपना शिकार बनाता था। कभी खुद को पुलिस या CBI अफसर बताकर लोगों को डराते और उनके गहने उतरवा लेते थे। रास्ते में फर्जी चेकिंग के बहाने लोगों की नकदी और जेवर लूट लेते थे। लूट के अलावा यह गिरोह जमीनों पर कब्जा करने, अवैध हथियार रखने और चोरी का सामान बेचने जैसे कामों में भी शामिल है।

 

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