एमपी में शीतलहर का कहर: दतिया सबसे ठंडा, चार दिन तक कोहरा और तापमान में गिरावट

भोपाल 

पहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में दिख रहा है। मध्यप्रदेश में उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड की धार और तेज कर दी है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां दिन की धूप भी राहत नहीं दे पा रही और रातें कंपकंपाने को मजबूर कर रही हैं। सोमवार सुबह घना कोहरा और सर्द हवाओं का मेल लोगों के लिए दोहरी मार बन गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन तक इसी तरह की सख्त ठंड बनी रहेगी, जबकि भोपाल और इंदौर में पारा 10 डिग्री से नीचे रह सकता है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में स्थित होने के कारण ग्वालियर-चंबल में ठंड का असर ज्यादा तीखा है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया में दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद रात का पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.5, दतिया में 20.1 और श्योपुर में 21.4 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन रात की ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान दतिया में 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री रहा। भोपाल में 9 डिग्री, इंदौर में 9.6 डिग्री, उज्जैन में 9.4 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। राजगढ़ और पचमढ़ी में 5.6 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, खजुराहो में 6.5 डिग्री, नौगांव, शिवपुरी और रीवा में 7 डिग्री के आसपास पारा रिकॉर्ड किया गया।

कोहरे से विजिबिलिटी घटी कोहरे के कारण कई जिलों में दृश्यता प्रभावित रही। मौसम विभाग के मुताबिक रतलाम, खजुराहो और नौगांव में विजिबिलिटी 500 से 1000 मीटर तक दर्ज की गई। दतिया, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सतना और सीधी में विजिबिलिटी 1 किलोमीटर से अधिक रही, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और अन्य जिलों में 2 से 4 किलोमीटर के बीच दृश्यता दर्ज की गई।

कोहरे की मार से ट्रेनें लेट घने कोहरे का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा। दिल्ली की ओर से आने वाली और वहां जाने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। मालवा एक्सप्रेस करीब 1 घंटे 20 मिनट लेट रही। सचखंड एक्सप्रेस सबसे ज्यादा प्रभावित रही और करीब 9 घंटे की देरी से चली। झेलम एक्सप्रेस 2 घंटे 30 मिनट, पंजाब मेल 1 घंटे 20 मिनट और कर्नाटक एक्सप्रेस भी 1 घंटे 20 मिनट लेट रही। शताब्दी एक्सप्रेस करीब 20 मिनट देरी से पहुंची।मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड और कोहरे से राहत के आसार कम हैं। आने वाले दिनों में भी रातें सर्द बनी रहेंगी और सुबह के समय कोहरे का असर जारी रह सकता है।

ऊपरी इलाकों में कोहरे की चादर
सोमवार सुबह प्रदेश के उत्तरी और ऊपरी हिस्सों में कोहरा सबसे ज्यादा असर दिखा। ग्वालियर, भिंड, मुरैना और श्योपुर में घना कोहरा छाया रहा, वहीं भोपाल, इंदौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रायसेन, शाजापुर, विदिशा और उज्जैन समेत 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया।

कल्याणपुर सबसे ठंडा, पचमढ़ी पीछे नहीं
प्रदेश में ठंड का रिकॉर्ड-तोड़ सिलसिला जारी है। शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी 5.8 डिग्री के साथ दूसरे नंबर पर रहा। पांच बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 7 डिग्री तक लुढ़क गया। कोहरे का असर ट्रेनों की रफ्तार पर भी पड़ा है, जिससे दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनें लेट चल रही हैं।मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी, खजुराहो, नौगांव, मंडला, उमरिया, रीवा, राजगढ़, रायसेन, दतिया, मलाजखंड, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, खंडवा, सीधी, खरगोन और टीकमगढ़ में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया। रविवार को अधिकतर शहरों में दिन का तापमान भी 25 डिग्री के पार नहीं पहुंच सका।

कोहरे ने रोकी रफ्तार, ट्रेनें लेट
पिछले 15 दिनों से कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने रेल यातायात को प्रभावित किया है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें लगातार देरी से पहुंच रही हैं। सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस पर पड़ा है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, प्रदेश के उत्तरी हिस्से में अगले कुछ दिन तक कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, पचमढ़ी दूसरा सबसे ठंडा प्रदेश में ठंड का दौर जारी है। शनिवार-रविवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में पारा 4.8 डिग्री रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी दूसरा सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में इंदौर का टेम्परेचर सबसे कम 7 डिग्री दर्ज किया गया। 20 से अधिक जिलों में कोहरा छाया। इस वजह से दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी, खजुराहो, नौगांव, मंडला, उमरिया, रीवा, राजगढ़, रायसेन, दतिया, मलाजखंड, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, खंडवा, सीधी, खरगोन और टीकमगढ़ में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

इधर, रविवार को अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। अगले चार दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान इसी तरह बना रहेगा।

पिछले 15 दिनों से लेट आ रही ट्रेनें नए साल में प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर है। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस में हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर ज्यादा रहेगा।

इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है।

ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं।

पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।

 

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