देवरिया, संभल और वाराणसी में प्रशासन का एक्शन, मजार और सरकारी जमीन पर बने मकान ध्वस्त

 संभल/देवरिया/वाराणसी
   
उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में सोमवार को बुलडोजर एक्शन हुआ. संभल, देवरिया और वाराणसी में प्रशासन ने अवैध निर्माण को ढहा दिया. संभल में जहां हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के सिरसी कस्बे में गाटा संख्या-1608 की सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई हुई. वहीं, देवरिया शहर में रेलवे ओवरब्रिज के पास स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की 50 साल पुरानी मजार को कोर्ट के आदेश पर गिराया जा रहा है. जबकि, वाराणसी के दालमंडी में ध्वस्तीकरण का कार्य चल रहा है. यहां सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है. 

आपको बता दें कि प्रदेश के कई जिलों में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन का सख्त अभियान जारी है. संभल में सरकारी जमीन को खाली कराने के लिए बुलडोजर पहुंचा है, तो वहीं वाराणसी की दालमंडी में ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाने का काम शुरू हो गया है. देवरिया में भी अवैध मजार पर बुलडोजर की कार्रवाई दूसरे दिन जारी रही.

सोमवार, 12 जनवरी की सुबह संभल प्रशासन ने हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के सिरसी कस्बे में गाटा संख्या 1608 की सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की है. प्रशासन की टीम सोमवार को 810 वर्ग मीटर भूमि पर बने अवैध मकानों को गिराने बुलडोजर के साथ पहुंची. यहां खाद के गड्ढों और ग्राम समाज के लिए आरक्षित 1700 वर्ग मीटर जमीन पर अयूब हसन और कामिल समेत अन्य लोगों ने कब्जा कर आठ मकान बना लिए थे.

संभल में अल्टीमेटम के बाद ध्वस्तीकरण

संभल में धारा 67 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 12 जनवरी तक अवैध कब्जा हटाने की चेतावनी दी थी. नायब तहसीलदार बबलू कुमार और लेखपालों की पैमाइश के बाद  कुछ मकान मालिकों ने खुद ही हथौड़े चलाकर निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया था. आठ में से तीन मकानों का मामला हाईकोर्ट में होने और तीन के खुद टूटने के बाद, अब प्रशासन की टीम शेष दो मकानों पर कार्रवाई कर रही है. इलाके में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं.

वाराणसी और देवरिया में भी एक्शन

वाराणसी के दालमंडी इलाके में भी हलचल तेज है, जहां बुलडोजर ने एंट्री कर ली है. यहां मलबे को हटाने के साथ ही चिन्हित भवनों को गिराने की तैयारी पूरी कर ली गई है. जल्द ही बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण शुरू होगा. उधर, देवरिया में अवैध मजार के खिलाफ बुलडोजर का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा.प्रशासन का साफ संदेश है कि सरकारी जमीनों पर किए गए किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा.

मालूम हो कि देवरिया की एसडीएम कोर्ट ने मजार को सरकारी बंजर भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बना बताया था. आदेश के बाद रविवार को तीन बुलडोजर लगाकर इसे गिराया गया. ध्वस्तीकरण की ये कार्रवाई दूसरे दिन सोमवार को भी चली. इस दौरान प्रशासन और पुलिस के लोग भारी संख्या में मौजूद रहे.

वाराणसी के मुस्लिम बहुल्य दालमंडी मार्केट में काशी विश्वनाथ मार्ग चौड़ीकरण परियोजना को लेकर कार्रवाई हुई. यहां बुलडोजर से कई और भवनों को तोड़ा जाएगा. चौड़ीकरण के तहत 650 मीटर लंबे इस बाजार को 17.4 मीटर यानी लगभग 60 फीट तक चौड़ा किया जाना है. इससे पहले यहां 184 मकान और दुकान को नोटिस दिया गया था. प्रशासन का दावा है कि सबको पूरा मुआवजा मिलेगा. 

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