वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया तय, RAC टिकट न मिलने की चेतावनी

नई दिल्ली

Vande Bharat Sleeper Express का इंतजार खत्म होने वाला है। नई रेल अगले सप्ताह से पटरियों पर दौड़ सकती है। इसी बीच खबर है कि यात्रियों को नई ट्रेन में RAC यानी रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। साथ ही इसका किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से ज्यादा हो सकता है। स्लीपर ट्रेन की शुरुआत गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर होने जा रही है। वंदे भारत सीरीज की यह पहली स्लीपर ट्रेन होगी। अब तक दौड़ रहीं ट्रेनें चेयर कार हैं।

 रिपोर्ट के अनुसार, यात्री को कम से कम 400 किमी दूरी के बराबर किराया देना होगा। 9 जनवरी को जारी सर्कुलर के हवाले से बताया गया, 'कम से कम 400 किमी दूरी का भुगतान करना होगा…। सिर्फ कन्फर्म टिकट ही इस ट्रेन के लिए जारी किए जाएंगे। RAC/वेटलिस्ट/पार्शियली कन्फर्म्ड टिकट का कोई प्रावधान नहीं होगा। सभी उपलब्ध बर्थ एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) से उपलब्ध होंगी।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने जा रहे हैं। अन्य ट्रेनों की तरह वंदे भारत स्लीपर में महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोटा होगा।
कितना होगा किराया

3एसी के लिए यात्रियों को 2.4 रुपये प्रति किमी, 2एसी के लिए 3.1 रुपये प्रति किमी और 1एसी के लिए 3.8 रुपये प्रति किमी होगा। ऐसे में ट्रेन का न्यूनतम किराया थर्ड एसी के लिए 960 रुपये, सेकंड एसी के लिए 1240 रुपये और फर्स्ट एसी के लिए 1520 रुपये होगा। हालांकि, इसमें GST यानी वस्तु एवं सेवा कर शामिल नहीं है।

यह फिलहाल दोनों शहरों के बीच 120-130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी तथा असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख जिलों को कवर करेगी। दोनों राज्यों में इस साल चुनाव होने वाले हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पावरप्वॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी थी, जिसके अनुसार 16 डिब्बों वाली इस ट्रेन में 11 डिब्बे थर्ड एसी, चार डिब्बे सेकंड एसी और एक डिब्बा फर्स्ट एसी शामिल हैं। कुल 823 सीटों में से 611 थर्ड एसी में, 188 सेकंड एसी में और 24 फर्स्ट एसी में हैं।

ट्रेन में उपलब्ध अन्य विशेषताओं में बेहतर कुशनिंग के साथ एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए बर्थ, सुगम आवागमन के लिए वेस्टिब्यूल वाले स्वचालित दरवाजे, बेहतर सस्पेंशन और शोर कम करके बेहतर यात्रा आराम, स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच), आपातकालीन टॉक-बैक प्रणाली और उच्च स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए कीटाणुनाशक तकनीक शामिल हैं।

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