ट्रंप के ऐलान के बाद शेयर बाजार में तूफानी उतार-चढ़ाव, तेजी के बाद आई गिरावट

मुंबई 
शेयर बाजार (Stock Market) ने सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की थी, लेकिन अचानक ये तेजी बड़ी गिरावट में तब्दील हो गई. ट्रंप की नई टैरिफ धमकी का सीधा असर भारतीय बाजार (Trump Tariff Warning Impact) पर देखने को मिला है.

दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% Tariff लगाने का ऐलान किया है और ये धमकी तमाम देशों की टेंशन बढ़ाने वाली है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) खुलने के बाद करीब 300 अंक अछला था, फिर झटके में 250 अंक से ज्यादा टूट गया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (Nifty) का भी ऐसा ही हाल नजर आया. 

अचानक सेंसेक्स-निफ्टी की बदली चाल
शेयर मार्केट में कारोबार के शुरुआत की बात करें, तो बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,878.17 की तुलना में तेजी लेकर 84,000 के स्तर के पार ओपन हुआ था और फिर 84,258 तक उछला था. फिर अचानक ही इसकी तेज रफ्तार पर ब्रेक लग गया और BSE Sensex 250 अंक से ज्यादा टूटकर 83,616 के लेवल पर आ गया. 

बात एनएसई के निफ्टी इंडेक्स की करें, तो इसकी भी चाल सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 25,790 की तुलना में उछलकर 25,897 पर खुला और फिर फिसलकर 25,709 तक आ गया. 

ट्रंप की ऐलान से भारत को क्या डर? 
बता दें कि Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए ऐलान किया कि अमेरिका, ईरान के साथ कारोबार करने वाले किसी भी देश पर 25 फीसदी टैरिफ लगाएगा, जिससे ईरान और उसके कारोबारी साझेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा. ट्रंप ने साफ किया कि जो भी देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार कर रहा है, उसे अमेरिका के साथ सभी व्यापार पर तत्काल प्रभाव से 25 फीसदी टैरिफ देना होगा और ये आदेश फाइनल है.

भारत के लिहाज से देखें, तो अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरानी तेल का आयात 2019 से ही बंद कर रखा है, लेकिन इसके बावजूद कई अन्य चीजों का आयात-निर्यात (India Export-Import With Iran) किया जाता है. ईरान में जहां भारत से चावल, चाय, चीनी, दवाइयां, कृत्रिम फाइबर, इलेक्ट्रिक मशीनरी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहुंचती है, तो वहीं जबकि ईरान से भारत में सूखे मेवे, अकार्बनिक/कार्बनिक रसायन के साथ ही कांच के बर्तन आते हैं.

अब ऐसे में अगर सभी कारोबार करने वाले देशों पर Trump 25% Tariff लगाते हैं, तो फिर भारत पर पहले से लागू 50% टैरिफ के बढ़कर 75% होने की संभावना बनती है. यही डर शेयर बाजार पर देखने को मिला है. 

ये 10 बड़े शेयर बिखरे
शेयर बाजार में तूफानी तेजी के बाद अचानक आई गिरावट के चलते जिन शेयरों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है. उनमें लार्जकैप कैटेगरी में शामिल LT Share (2.30%), HCL Tech Share (2.10%), Bharti Airtel Share (1.50%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल  Glenmark Share (3.10%), Dixon Tech Share (2.20%), Godrej Properties Share (2.05%) और AU Bank Share (2%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी में Lotus Chocolate Share (8%), Jubilant Agri Share (5.50%) और NEC Life Share (5%) गिरकर ट्रेड कर रहे थे. 

admin

Related Posts

आज शेयर मार्केट में रौनक, 6 लाख करोड़ की बढ़त के साथ निवेशकों ने उड़ाई खुशी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स और निफ्टी ने आखिरी कुछ घंटों में कमाल की तेजी दिखाई, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियों में तगड़ी…

सारा खेल पलटा! भारत-EU डील ने अमेरिका की सोच पर डाला दबाव

 नई दिल्ली     भारत-EU डील अमेरिका के खिलाफ नहीं है, लेकिन यह साफ संदेश देती है कि अब भारत अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा. इसी कड़ी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति