मंत्री टेटवाल ने मुख्यमंत्री का माना आभार

सारंगपुर को मिली नई सौगात, मोहनपुरा डेम से जुड़े 26 गांव

भोपाल
राजगढ़ जिले की सारंगपुर विधानसभा में लगातार विकास कार्यों को गति मिल रही है। किसानों के हित को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश सरकार ने मोहनपुरा सिंचाई परियोजना के विस्तारीकरण के तहत सारंगपुर क्षेत्र के 26 गांवों को योजना से जोड़ने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई परियोजना का प्रत्यक्ष और स्थायी लाभ मिलेगा।

11,040 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगी सिंचाई सुविधा

मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने बताया कि सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना को राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना पर 396.21 करोड़ रुपए की लागत आएगी। परियोजना के माध्यम से सारंगपुर तहसील के 26 ग्रामों की 11,040 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

परियोजना से किसानों की आय में वृद्धि होगी
मंत्री श्री टेटवाल ने बताया कि इस परियोजना के तहत आधुनिक दाबयुक्त पाइप सिंचाई प्रणाली को अपनाया जाएगा, जिससे जल की बचत के साथ सिंचाई की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा। परियोजना से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। इस योजना से लगभग 10,400 किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मंत्री श्री टेटवाल ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार जनहित के कार्य कर रही है। किसान कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मोहनपुरा सिंचाई परियोजना एक वृहद और दूरगामी लाभ देने वाली योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सारंगपुर को नई सौगात देते हुए मोहनपुरा डेम की सिंचाई परियोजना से 26 गांवों को जोड़ने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए उन्होंने सारंगपुर की जनता की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

मोहनपुरा सिंचाई परियोजना से जुड़े 26 ग्राम
मोहनपुरा सिंचाई परियोजना के विस्तारीकरण के तहत सारंगपुर तहसील के लीमा चौहान, पान्दा, टूट्याहेड़ी, दराना, देवीपुर, भेंसवा माता, भवानीपुर, कलाली, अरण्या, लोटटया, घटटटया, रोजड़कलां, धमन्दा, गायन, पट्टी, इचीवाड़ा, शंकरनगर, अमलावता, पीपल्या पाल, पाडल्या माता, शेरपुरा, कमलसरा, किशनखेड़ी, सुल्तानिया, जोगीपुरा और छापरा ग्रामों को योजना से जोड़ा गया है।

 

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