भजनलाल शर्मा सरकार की युवा कल्याण नीति से राजस्थान बनेगा सशक्त और स्वावलंबी

श्रीगंगा नगर.

राजस्थान की प्रगति का मार्ग युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और आत्मविश्वास से होकर गुजरता है। इसी मूल भावना को केंद्र में रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में युवा कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। उनकी स्पष्ट सोच है कि जब तक युवा सशक्त, शिक्षित, प्रशिक्षित और रोजगारयुक्त नहीं होंगे, तब तक समग्र विकास की परिकल्पना अधूरी रहेगी।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही नीतियां और योजनाएं इसी दूरदृष्टि का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की युवा कल्याण नीति का मूल उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को बहुआयामी अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

इसी क्रम में वर्ष 2026 के लिए एक लाख पदों पर भर्तियों का कैलेंडर जारी किया जाना ऐतिहासिक कदम है। यह कैलेंडर युवाओं के लिए आशा और विश्वास का प्रतीक बनकर सामने आया है, क्योंकि इससे उन्हें अपनी तैयारी को समयबद्ध और योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता ने युवाओं में विश्वास को और मजबूत किया है।

पिछले दो वर्षों में बिना किसी गड़बड़ी के 351 प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सरकार पेपर लीक जैसी समस्याओं पर सख्त नियंत्रण रखने में सफल रही है। यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक दक्षता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री की पहल पर अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल चुकी हैं, जबकि करीब एक लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। यह आंकड़े युवाओं के प्रति सरकार की गंभीरता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करते हैं।

मुख्यमंत्री की युवा कल्याण नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रोजगार के विविध अवसरों का सृजन है। सरकार द्वारा दो लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही कौशल विकास को बढ़ावा देते हुए तीन लाख से अधिक युवाओं को आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े कौशल प्रशिक्षण प्रदान किए गए हैं। यह प्रशिक्षण युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इंटर्नशिप कार्यक्रम के माध्यम से करीब दो लाख युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया है, जिससे वे कार्यस्थल की वास्तविक चुनौतियों से परिचित हो सकें। यह पहल युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने में सहायक सिद्ध हो रही है। साथ ही आई-स्टार्ट राजस्थान के अंतर्गत 65 आई-स्टार्टअप लॉन्चपैड नेस्ट की स्थापना और 658 स्टार्टअप्स को लगभग साढ़े 22 करोड़ रुपये की सहायता देकर नवाचार और उद्यमिता को नई गति दी गई है।

मुख्यमंत्री युवा संबल योजना भी युवा कल्याण नीति का एक प्रभावशाली उदाहरण है। इस योजना के अंतर्गत अब तक चार लाख से अधिक युवाओं को साढ़े ग्यारह सौ करोड़ रुपये से अधिक की राशि भत्ते के रूप में प्रदान की गई है। यह सहायता न केवल आर्थिक संबल देती है, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास को भी सुदृढ़ करती है, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रह सकें।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का शुभारंभ युवाओं के लिए एक नई दिशा लेकर आया है। इस योजना के तहत एक लाख युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें सूक्ष्म उद्यमी के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पहल युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी।

इसके अतिरिक्त राजस्थान युवा नीति-2026 और राजस्थान रोजगार नीति-2026 का विमोचन मुख्यमंत्री की दीर्घकालिक सोच का परिचायक है। ये नीतियां आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा के नए अवसर सृजित करेंगी। इन नीतियों के माध्यम से राज्य सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि युवा केवल योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य निर्माण के सहभागी हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की युवा कल्याण नीति सशक्तिकरण, पारदर्शिता और अवसरों की समानता पर आधारित है। यह नीति युवाओं को न केवल आज की चुनौतियों से लड़ने में सक्षम बनाती है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए भी तैयार करती है।

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