कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण 15 जनवरी से 15 मार्च तक बंद, जानिए कारण

सीहोर 

प्रदीप मिश्रा के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजन समिति के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में फैसला लिया गया कि भारी भीड़ के चलते सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुबेरेश्वर धाम में 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष वितरण पूरी तरह बंद रहेगा। आपात स्थिति के लिए मिनी आईसीयू और एम्बुलेंस की तैनाती भी की जाएगी।

15 जनवरी से 15 मार्च तक नहीं बांटे जाएंगे रुद्राक्ष

बैठक में फैसला लिया गया कि कुबेरेश्वर धाम में अगले दो महीनों तक रुद्राक्ष नहीं बांटे जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष वितरण पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंहए आईजी अभय सिंह, कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के साथ कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

लाखों लोगों के आने की संभावना

अधिकारियों ने कहा कि रुद्राक्ष महोत्सव में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और समिति को मिलकर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करनी होंगी। किसी भी तरह की लापरवाही भक्तों की सुरक्षा में बड़ी बाधा बन सकती है। अतः सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं। बैठक में एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तावित सुविधाओं, सेवाओं और पूरी कार्ययोजना का खाका भी पेश किया गया।

बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स तैनात करने के निर्देश

बैठक में आयोजन समिति को निर्देश दिए गए कि वे पर्याप्त पार्किंग, रास्तों पर दिशा सूचक बोर्ड, भोजन का उचित प्रबंध और बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स की तैनाती सुनिश्चित करें। मुख्य सड़कों और हाईवे पर जाम से बचने के लिए प्रभावी डायवर्जन प्लान लागू करने, पार्किंग क्षेत्रों को अलग-अलग जोन में बांटने और वहां से कथा स्थल तक श्रद्धालुओं के सुरक्षित आने-जाने की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया ताकि अव्यवस्था न फैले।

जगह-जगह बोर्ड लगाने के निर्देश

प्रशासन ने भीड़ पर काबू पाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ पीने के पानी, साफ-सफाई और बिजली की निर्बाध आपूर्ति के कड़े निर्देश दिए हैं। मोबाइल नेटवर्क, सूचना प्रसारण सिस्टम और एलईडी स्क्रीन को दुरुस्त रखने को कहा गया है ताकि श्रद्धालुओं को कथा सुनने और जरूरी जानकारी पाने में कोई दिक्कत न हो। यही नहीं रुद्राक्ष वितरण बंद रहने की जानकारी प्रमुख जगहों पर बोर्ड लगाकर और मीडिया के जरिए पहुंचाई जाए ताकि लोग परेशान न हों।

एम्बुलेंस, डॉक्टर और उपचार केंद्र लगाने के निर्देश

आयोजन स्थल पर पर्याप्त एम्बुलेंस, डॉक्टर और जरूरी दवाओं के साथ प्राथमिक उपचार केंद्र लगाने के निर्देश दिए गए। इमरजेंसी से निपटने के लिए मिनी आईसीयू तैयार रखने और मरीजों को बड़े अस्पताल भेजने की व्यवस्था करने को कहा गया है।अधिकारियों ने पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ कथा स्थल, पंडाल प्रवेश और निकास द्वारों का निरीक्षण किया। उन्होंने पार्किंग, भोजनशाला और कंट्रोल रूम का भी जायजा लिया गया। जरूरी सुधार के निर्देश दिए गए।

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