राजस्थान में 12 लाख लखपति दीदी के बाद अब युवाओं को बनाएगी आर्थिक संपन्न

जयपुर.

राजस्थान की सियासत और अर्थव्यवस्था के बीच मंगलवार को एक ऐसी तस्वीर उभरी, जिसने आने वाले वर्षों की दिशा का संकेत दे दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई एक बैठक में जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बोलना शुरू किया, तो यह सिर्फ आंकड़ों की प्रस्तुति नहीं थी, बल्कि एक बड़े सामाजिक बदलाव की झलक थी।

मुख्यमंत्री ने कहा- प्रदेश में 19 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर 12 लाख से ज्यादा महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है। अब ये लखपति दीदी मिलेनियर दीदी बनने की ओर अग्रसर हैं। यह सुनते ही साफ हो गया कि सरकार की नजर अब केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि महिला आर्थिक सशक्तिकरण को अगले स्तर तक ले जाने की है।

अपराध में कमी, भरोसे में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान एक और अहम संकेत दिया। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के अंतिम दो वर्षों (फरवरी 2022 से दिसंबर 2023) की तुलना में मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में अपराधों में करीब 12 प्रतिशत तक की कमी आई है। राजस्थान जैसे बड़े और विविधतापूर्ण राज्य में यह आंकड़ा केवल प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था में जनता के बढ़ते भरोसे का भी संकेत माना जा रहा है।

बजट 2026-27 पर टिकी निगाहें
इस पूरे कार्यक्रम का असली मकसद था— बजट पूर्व चर्चा। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, युवाओं, उद्योग जगत, व्यापारियों, सेवा क्षेत्र, कर सलाहकारों और युवा प्रोफेशनल्स से सीधे संवाद किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि महिला प्रतिनिधियों और विभिन्न वर्गों से मिले सुझावों को बजट 2026-27 में यथासंभव शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान ने यह साफ कर दिया कि आने वाला बजट केवल सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ का प्रतिबिंब बनने की कोशिश करेगा।

उद्योग और निवेश: राजस्थान की नई पहचान
उद्योग, सेवा क्षेत्र और युवा प्रोफेशनल्स के साथ हुई चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की समृद्धि से ही विकास को नई गति मिलती है। उन्होंने एमएसएमई, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और तकनीकी सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में उद्यमशीलता ने राजस्थान के आर्थिक परिदृश्य को तेजी से बदला है। मुख्यमंत्री के शब्दों में— “आज राजस्थान निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।” यह बयान उस समय आया जब राज्य सरकार लगातार निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक विस्तार को लेकर सक्रिय दिखाई दे रही है।

वागड़ क्षेत्र पर विशेष फोकस
कार्यक्रम का एक अहम पड़ाव तब आया जब मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर जिले से आए युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और राजस्थान का गौरव भी। वागड़ क्षेत्र, जो आदिवासी बहुल माना जाता है, वहां सरकार लगातार सशक्तिकरण के फैसले ले रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वागड़ क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं, जो आने वाले समय में पूरे दक्षिण राजस्थान की तस्वीर बदल सकते हैं।

बेणेश्वर धाम का सौंदर्यीकरण
कार्यक्रम के दौरान बेणेश्वर धाम के सौंदर्यीकरण को लेकर एक प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। इसे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मौके पर सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा भी मौजूद रहे।

सत्ता, समाज और संकेत
इस बैठक में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास भवानी सिंह देथा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने इस चर्चा को और खास बना दिया। राजस्थान में लखपति दीदी से मिलेनियर दीदी तक का सफर, अपराध में कमी, निवेशकों का भरोसा और आदिवासी क्षेत्रों पर फोकस— ये सभी संकेत एक ही ओर इशारा करते हैं। प्रदेश अब सिर्फ योजनाओं की बात नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य की तस्वीर गढ़ने की कोशिश में जुटा है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति