गेंदबाजी में भारत का कहर, अमेरिका के बल्लेबाज टिक नहीं सके

जिम्बाब्वे
भारत और अमेरिका के बीच अंडर 19 विश्व कप का पहला मुकाबला गुरुवार को बुलावायो (जिम्बाब्वे) में खेला जा रहा है। आयुष म्हात्रे के नेतृत्व वाली भारतीय टीम शानदार फॉर्म में हैं। टीम ने हाल ही में अफ्रीका को 3 मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। वहीं उससे पहले अंडर-19 एशिया कप में फाइनल तक का सफर तय किया था। भारतीय टीम अंडर 19 विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ करेगी, जोकि कागज पर काफी कमजोर टीम नजर आ रही है। अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में भारत सबसे सफल टीम रही है। अब तक 16 अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम 5 बार चैंपियन रही है। टूर्नामेंट की शुरुआत 1988 में हुई थी, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता था।

अमेरिका ने पूरे किए 50 रन
अमेरिका ने भारत के खिलाफ अंडर-19 विश्व कप के पहले मुकाबले में 20वें ओवर में 50 रन पूरे कर लिए हैं।

अमेरिका की आधी टीम पवेलियन लौटी
अमेरिका की आधी टीम 17 ओवर के अंदर ही पवेलियन लौट गई है। अमोघ 13 गेंद में 3 रन बनाकर आउट हुए।

दीपेश देवेन्द्रन ने दिलाई दूसरी विकेट
हेनिल पटेल के बाद चमके दीपेश देवेन्द्रन, साहिल गर्ग को आउट कर उन्होंने भारत को दूसरी सफलता दिला दी है। 10 ओवर के बाद यूएसए 2 विकेट के नुकसान पर 32 रन।

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति