राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर CM साय बोले- ‘युवा उद्यमियों को संसाधन और अवसर देकर सक्षम बना रही सरकार’

रायपुर.

CM साय ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की शुभकामनाएं दी। सीएम साय ने कहा, आज स्टार्टअप इंडिया की 10वीं वर्षगांठ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वर्ष 2016 में शुरू हुए इस अभियान ने भारत को नवाचार और उद्यमशीलता की वैश्विक शक्ति के तौर पर स्थापित किया है।

आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है और देश में 2 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स युवा शक्ति के सामर्थ्य का प्रतीक हैं। डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ के युवा उद्यमियों को संसाधन, प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के रूप में मनाया जा रहा यह अवसर भारत की उद्यमशील सोच, नवाचार संस्कृति और आत्मनिर्भर भविष्य का उत्सव है। सभी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति