‘सरकार ही कर सकती है हमारा भला’, डिलीवरी बॉयज की 10 मिनट की बाध्यता खत्म होने पर खुशी, सरकार से एक और अनुरोध

आगरा
 उत्तर प्रदेश के आगरा में डिलीवरी बॉयज में खुशी की लहर है. सरकार ने उन्हें 10 मिनट की बाध्यता से मुक्त कर दिया है. अब डिलीवरी का सामान आराम से पहुंचाया जा सकता है. पहले जल्दी के चक्कर में कई बार एक्सीडेंट हो जाया करता था. डिलीवरी बॉयज ने सरकार से अपील की है कि उनका पेआउट भी थोड़ा बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा है कि कंपनी 3 से 4 रुपए एक ऑर्डर पर दे रही है.

डिलीवरी बॉयज ने कहा कि महंगाई के दौर पर उनका आर्थिक जीवन मुश्किल में पड़ गया है. जिस तरह सरकार ने उनके 10 मिनट की बाध्यता खत्म की है, इसी तरह थोड़ा उन्हें आर्थिक लाभ भी दिलाए. उन्होंने कहा कि सरकार से अनुरोध है कि वह कम्पनी से आग्रह कर उन्हें पेट्रोल खर्चा उनके हिसाब से दें, क्योंकि पेट्रोल काफी महंगा है.

पेट्रोल खर्चा थोड़ा बढ़ाया जाए

आगरा में डिलीवरी बॉयज ने कहा है कि सरकार उनके आर्थिक लाभ के बारे में विचार करे. आगरा के डिलीवरी बॉय मनोज ने कहा कि कंपनी उन्हें 3 से 4 रुपए डिलीवरी का देती है. इसमें सामान को डिलीवर कर वापस भी आना होता है. ऐसे में पेट्रोल इतना महंगा है कि उनको नुकसान हो जाता है. उन्होंने कहा कि कम्पनी को पेट्रोल का खर्चा थोड़ा और बढ़ाना चाहिए. डिलीवरी बॉय मनोज ने कहा कि दिन में 12 घंटे की जॉब करते हैं और फिर भी 300 से 400 रुपए ही कमा पाते हैं. सरकार से अनुरोध है कि थोड़ा उनकी आर्थिक मदद में सहयोग करें.

बाइक टूटने का खर्चा भी कंपनी नहीं देती

आगरा के डिलीवरी बॉय मनोज ने कहा कि कई बार डिलीवरी करते समय बाइक फिसल जाती है, जिसमें राइडर को भी चोट आती है और बाइक भी डैमेज हो जाती है. इस स्थिति में भी कम्पनी उनका साथ नहीं देती है. ऐसी परिस्थिति में डिलीवरी बॉय को ही अपने पैसों से इलाज और बाइक ठीक करानी होती है. उन्होंने कहा कि कंपनी बिल्कुल सहयोग नहीं करती है. मनोज बताते हैं कि पहले से परिवार पर आर्थिक संकट होता है, ऐसे में अगर एक्सीडेंट हो जाए तो सारे पैसे इलाज में ही खर्च हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि जैसे सरकार ने 10 मिनट का रूल खत्म किया है, वैसे ही थोड़ा उनके आर्थिक सहयोग के बारे में भी सोचे.

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