मुंबई में जीत, असम में जश्न: BMC चुनाव परिणाम पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के कालियाबोर में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'आज भाजपा पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन गई है। बीते एक-डेढ़ वर्षों से भाजपा पर देश का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में बिहार में चुनाव हुए। वहां 20 वर्ष बाद भी जनता ने भाजपा को रिकॉर्ड वोट दिए हैं। रिकॉर्ड सीटें जिताई हैं। दो दिन पहले ही महाराष्ट्र के बड़े शहरों में मेयर और पार्षदों के चुनाव परिणाम आए हैं। मुंबई जो दुनिया के सबसे बड़े निगमों में से एक है, वहां की जनता ने पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड जनादेश दिया। जीत मुंबई में हो रही है, जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र के अधिकतर शहरों की जनता ने भाजपा को सेवा का अवसर दिया है।'
 
पीएम मोदी ने कहा कि बीते कुछ समय में जितने भी चुनाव परिणाम आए हैं, उनका जनादेश स्पष्ट है। देश का वोटर आज गुड गवर्नेंस चाहता है, विकास चाहता है, वो विकास और विरासत दोनों पर फोकस करता है। इसलिए वो भाजपा को पसंद करता है। उन्होंने कहा, 'इन चुनावों का एक और संदेश है। कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को देश लगातार नकार रहा है। जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ था वहां वो आज चौथे या पांचवें नंबर की पार्टी बन गई है।'

नॉर्थ ईस्ट के विकास पर क्या बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी पीड़ा हमेशा दूरी की रही है। दूरी दिलों की, दूरी स्थानों की। दशकों तक यहां के लोगों को ये महसूस होता रहा कि देश का विकास कहीं और हो रहा है और वे पीछे छूट रहे हैं। इसका असर केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा बल्कि भरोसे पर भी पड़ा। उन्होंने कहा, 'इस भावना को बदलने का काम भाजपा ने किया। डबल इंजन की सरकार ने नॉर्थ ईस्ट के विकास को प्राथमिकता बनाया। रोडवेज, रेलवे, एयरवेज और वाटरवेज के माध्यम से असम को जोड़ने का काम एक साथ शुरू हुआ, लेकिन कांग्रेस ने कभी इसकी परवाह नहीं की। जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो असम को बहुत कम रेल बजट मिलता था। लगभग 2000 करोड़ रुपये। अब भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया गया है।'
PM ने प्रकृति की सुरक्षा पर दिया जोर

नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब प्रकृति सुरक्षित होती है तो उसके साथ अवसर भी पैदा होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। होम स्टे, गाइड सेवाएं, परिवहन, हस्त शिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को आय के नए साधन मिले हैं। उन्होंने कहा, 'आज मैं असम के आप लोगों की, यहां की सरकार की एक और बात के लिए खासतौर पर तारीफ करूंगा। एक समय था जब काजीरंगा में राइनो के शिकार की घटनाएं असम की सबसे बड़ी चिंता बन चुकी थी। 2013-14 में एक सींग वाले दर्जनों राइनो मारे गए। भाजपा सरकार ने तय किया था कि हम ये नहीं चलने देंगे, अब ऐसा नहीं चलेगा। हमने इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत किया, वन विभाग को आधुनिक संसाधन मिले, निगरानी तंत्र सशक्त हुआ, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई गई। इसका सुखद परिणाम भी सामने आया। 2025 में राइनो के शिकार की एक भी घटना सामने नहीं आई है।'

 

admin

Related Posts

CM पुष्कर धामी से बैठक के बाद उठे राजनीतिक कदम, उत्तराखंड में क्यों महसूस हो रही हलचल

देहरादून उत्तराखंड में जल्द बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। भाजपा नेताओं ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद दिल्ली में डेरा डाल दिया है। इस…

ताजपोशी मंच से PM मोदी का संदेश: नितिन नवीन के साथ राजनाथ सिंह और गडकरी को क्यों किया याद

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष नितिन नवीन की ताजपोशी हो चुकी है। मंगलवार को उन्हें औपचारिक रूप से अध्यक्ष चुना गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें